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50 लाख का माल बरामद: नशे में इस्तेमाल दवाओं की कालाबाजारी करने वाला कारोबारी गिरफ्तार, ऐसे चलाता था पूरा कारोब

Tue, 27 Sep 2022 01:13 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पुलिस टीम ने रविवार को वहां छापेमारी को विमलेश को दबोच लिया। यहां से ही पुलिस ने ट्रामाडोल दवाई की 2.16 लाख टैबलेट बरामद की। जिसकी कीमत 50 लाख रुपये आंकी गई है। 
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बरामद दवाइयां - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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मानसिक परेशानी से जूझ रहे मरीजों के उपचार में इस्तेमाल दवाइयों की कालाबाजारी करने वाले कारोबारी को पश्चिमी जिला पुलिस के मादक पदार्थ निरोधक दस्ते ने गिरफ्तार किया है। पुलिस उत्तम नगर में लिए गए किराए के कमरे पर छापेमार कर 50 लाख रुपये की दवाइयां जब्त की हैं।

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13 सितंबर को सहायक पुलिस आयुक्त आपरेशन अरविंद कुमार की निगरानी में पुलिस टीम ने नशे के लिए इस्तेमाल दवाओं की तस्करी करने वाले जतिन और तरणदीप सिंह को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि दवाइयां विमलेश नामक व्यक्ति से ली थी। उन्होंने बताया कि विमलेश एक फार्मा कंपनी चलाता है। 

इस खुलासे के बाद पुलिस ने विमलेश की तलाश शुरू की। छानबीन में पता चला कि विमलेश ने उत्तम नगर इलाके में किराए का एक कमरा ले रखा है, जहां वह दवाइयां रखता है। पुलिस टीम ने रविवार को वहां छापेमारी को विमलेश को दबोच लिया। यहां से ही पुलिस ने ट्रामाडोल दवाई की 2.16 लाख टैबलेट बरामद की। जिसकी कीमत 50 लाख रुपये आंकी गई है। 
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विमलेश से पूछताछ के बाद पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी दवा कंपनियों के निर्माता से संपर्क कर नशे के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाइयों को खरीदता था। ट्रामाडोल व अल्प्रोजलम दवाइयां दुकानों में बिना चिकित्सक के पर्ची के नहीं बेची जा सकती हैं। इन दवाओं की खरीद बिक्री पर दवा कानूनों का नियंत्रण है। विमलेश अपनी कंपनी के माध्यम से दवा निर्माताओं से संपर्क कर दवाओं को खरीदता था। उसके बाद दुकानदारों की मिलीभगत से उसे बेच देता था। जिसका कोई हिसाब किताब नहीं रखा जाता था। इन दवाओं की कालाबाजारी की जाती थी। विमलेश दवाओं की कीमत अधिकतम खुदरा मूल्य से अधिक वसूलता था। 

वहीं अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जांच में यह बात सामने आई है कि इन दवाओं का इस्तेमाल उपचार के बजाय ज्यादातर नशा के लिए होता है। कुछ तस्कर भी इसे हेरोइन में मिलाकर बेचते हैं। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपियों का मादक द्रव्यों के सप्लाई करने वालों से गठजोड़ तो नहीं है।

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