बुलंदशहर में 29 जुलाई को हुआ मां-बेटी का गैंगरेप मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। नाबालिग पीड़िता ने उत्तर प्रदेश के मंत्री आजम खां और मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
नाबालिग पीड़िता की मांग है कि इन लोगों के खिलाफ एफआईआर तो दर्ज हो ही साथ ही यह मामला बुलंदशहर की जगह दिल्ली स्थानांतरित कर दिया जाए। पीड़ित परिवार चाहता है कि इस केस की जांच कोर्ट की निगरानी में ही हो।
इसके साथ ही पीड़ित परिवार ये भी चाहता है कि नाबालिग पीड़िता की शिक्षा, सुरक्षा और पुनर्वासन सब कुछ दिल्ली में ही हो। पीड़ित परिवार अपनी सुरक्षा के लिहाज से अब उत्तर प्रदेश में नहीं रहना चाहता।
बता दें कि आजम खां ने इस मामले के प्रकाश में आने के बाद इसे सियासी रंग देने की कोशिश की थी और कहा था कि यह मामला राजनीतिक षडयंत्र हो सकता है। जिसके बाद पीड़िता के पिता ने कहा था कि आजम खां के घर में मां बेटी नहीं हैं क्या, वो मेरे सामने आएं तो मैं उन्हें जवाब दूं।