हादसे की सूचना मिलते ही कमला मार्केट, हौज काजी थाना पुलिस, दमकलकर्मी और एनडीआरएफ का दस्ता मौके पर पहुंचा। लेकिन तब तक स्थानीय लोगों ने मलबे से करीब पांच लोगों को बाहर निकालकर लोक नायक अस्पताल पहुंचा चुके थे। दमकलकर्मी और एनडीआरएफ के दस्ते ने मलबे में दबे चार और लोगों को बाहर निकालकर उन्हें अस्पताल पहुंचाया। जहां बच्ची को मृत घोषित कर दिया गया। एक महिला की हालत नाजुक बनी हुई है। दो से तीन लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक हादसे के समय इमारत में अलग-अलग मंजिल पर करीब दर्जन भर लोग मौजूद थे। जिसमें से अधिकांश लोगों को बाहर निकाला जा चुका है। जांच में पता चला है कि जर्जर मकान की छत टपक रही थी, जिसकी वजह से मकान भरभराकर गिर गया।
दमकल विभाग के निदेशक अतुल गर्ग ने बताया कि रविवार शाम 7.28 बजे फराशखाना के वाल्मीकि मंदिर के पास दो मंजिला मकान के गिरने और मलबे में कुछ लोगों के दबे होने की जानकारी मिली थी। राहत बचाव के लिए तुरंत दमकल की पांच गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। बाद में तीन और गाड़ियों के मौके पर भेजा गया। पहले पांच और फिर चार लोगों को मलबे से निकालकर पुलिस की मदद से अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इन लोगों को पहुंचाया गया अस्पताल
मृत बच्ची की शिनाख्त चार साल की खुशी के रूप में हुई है। जबकि घायलों की पहचान अमरा (45), निलोफर (50), मोहम्मद इमरान (40), सरकार बेगम (60), सुखवीर (34), अंकित (28), अशोक (40) और जिशान (30) के रूप में हुई है। एनडीआरएफ की टीम खोजी कुत्ते की मदद से मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटी हुई है। खबर लिखे जाने तक भी मौके पर राहत कार्य जारी था।
घटनास्थल पर अभी राहत-बचाव कार्य जारी है। अस्पताल में घायलों को भर्ती कराया गया है। -अक्षय कौशल, एडीसीपी सेंट्रल दिल्ली