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Delhi NCR News: हाईकोर्ट में सेंट्रल सेक्रेटेरिएट क्लब की बेदखली याचिका पर संक्षिप्त सुनवाई

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अमर उजाला ब्यूरो
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नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को सेंट्रल सेक्रेटेरिएट क्लब द्वारा दायर याचिका पर संक्षिप्त सुनवाई की। क्लब ने केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले निदेशालय एस्टेट्स द्वारा 17 जुलाई को जारी किए गए आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें कथित कदाचार के आधार पर परिसर खाली करने का निर्देश दिया गया था। क्लब की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि क्लब केंद्र सरकार द्वारा जारी डी-रिकॉग्निशन (मान्यता वापसी) आदेश को चुनौती देने वाली प्रार्थना को इस याचिका से हटाकर अलग याचिका दायर करेगा। अदालत ने कहा कि बेदखली का आदेश डी-रिकॉग्निशन आदेश का परिणाम है। यह बेंच डी-रिकॉग्निशन संबंधी मामलों के लिए नहीं है, इसलिए बेहतर होगा कि उसे उचित बेंच के समक्ष चुनौती दी जाए। न्यायमूर्ति हरीश वैद्यनाथन शंकर ने कहा कि दोनों (सोसायटी और क्लब) को अमान्य घोषित किया गया प्रतीत होता है। क्लब की ओर से तर्क दिया गया कि यह सदस्यों द्वारा गठित क्लब है और इसकी अस्तित्व सरकार की मान्यता पर निर्भर नहीं है। सरकार इसकी अस्तित्व को नहीं छीन सकती। अदालत ने अंततः याचिका वापस लेने का निर्देश दिया और कहा कि इसे रोस्टर बेंच के समक्ष सूचीबद्ध कराया जाए। बता दें सेंट्रल सेक्रेटेरिएट क्लब लगभग 107 वर्ष पुरानी संस्था है, जो केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए गठित है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने प्रशासनिक अनियमितताओं, वैध कार्यकारी समिति के अभाव और अन्य शिकायतों का हवाला देते हुए इसकी मान्यता पहले ही वापस ले ली थी, जिसके बाद बेदखली की प्रक्रिया शुरू हुई थी।


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