दिल्ली के जैतपुर थाना पुलिस ने पुलिसकर्मी बनकर अपहरण करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने वर्दी पहनकर व पुलिस का फर्जी परिचय पत्र दिखाकर युवक का अपहरण कर लिया था। आरोपियों ने युवक की मौत से दो लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। पुलिस ने योजना बनाकर आरोपियों को फिरौती के लिए बुलाया और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से फिरौती की 1.94 लाख रुपये और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की है।
दक्षिण-पूर्व जिला डीसीपी ईशा पांडेय के अनुसार जैतपुर थाना पुलिस को अपहरण करने व दो लाख रुपये की फिरौती मांगने की सूचना 18 फरवरी को मिली थी। पीड़ित युवक की मौसी अप्सा बेगम ने पुलिस को दी शिकायत में कहा था कि किसी ने उसके भतीजे का अपहरण कर लिया है। आरोपी दो लाख रुपये फिरौती के रूप में मांग रहे हैं। मामला दर्जकर जैतपुर थानाध्यक्ष की देखरेख में एसआई विजय व एसआई संजीव की टीम ने जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने इलाके में सर्च अभियान चलाया। युवक का कहीं पता नहीं चला।
इसके बाद आरोपियों का अप्सा बेगम के पास फिर फोन आया और दो लाख रुपये लोहिया पुल के पास आने को कहा। एसआई विजय कुमार ने पीड़िता को फिरौती की रकम देकर लोहिया पुलिस के पास ऑटो से भेज दिया। पुलिस टीम ने यहां जाल बिछाया। योजना के अनुसार पीड़िता ने मौके पर आए एक युवक को नोटों से भरा बैग सौंप दिया। पीड़ित युवक जैसे ही अपनी मौसी के पास पहुंचा एसआई विजय कुमार ने पैसे लेने आए अपहरणकर्ता लोनी, गाजियाबाद निवासी साजिद उर्फ फिरोजी उर्फ फौजी (27) को पकड़ लिया। इसके पास से फिरौती की रकम बरामद कर ली।
दो अन्य आरोपी मोटरसाइकिल लेकर दूर खड़े थे। पुलिस को देखकर आरोपी मौके से फरार हो गए। बाद में एसआई विजय व संजीव की टीम ने साजिद के दोनों साथी दयालपुर, दिल्ली निवासी वकील उर्फ वसीम (27) और लोनी, यूपी निवासी तैयब्बर अली (49) को उनके घरों से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने बताया कि जल्द पैसा कमाने के लिए उन्होंने फिरौती की रकम को अंजाम दिया था।
वर्दी पहन व परिचय पत्र दिखाकर अपहरण कर ले गए
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि ये उस मस्जिद में आए वहां पीड़ित नमाज पढने आया था। आरोपी सौरभ विहार मस्जिद तक पीड़ित का पीछा करके गए। आरोपियों ने पुलिस की वर्दी पहन रखी थी। इन्होंने पीड़ित को पुलिस का परिचय पत्र दिखाया और कहा कि उसके खिलाफ शिकायत मिली है उसे जनकपुरी थाने चलना होगा। इसके बाद वह उसे मोटरसाइकिल पर लोहिया पुलिस के पास ले गए। साजिश के खिलाफ डकैती, आर्म्स एक्ट व चोरी के तीन मामले दर्ज हैं।