औद्योगिक क्षेत्र यूपीएसआईडीसी के अंतर्गत गांव पिपलैड़ा की फ्रेंडस कॉलोनी में संचालित प्रिंटिंग प्रेस में एनसीईआरटी सहित नामचीन पब्लिकेशन के नाम पर किताबों को छापा जा रहा था। देर शाम में पुलिस ने छापा मारकर प्रेस से लाखों रुपये की नकली किताबों को बरामद किया है। बताया जा रहा है कि नकली किताबों का यह कारोबार पिछले करीब दो ढाई साल से चल रहा था।
एसचंद पब्लिकेशन हाउस के लीगल आफिसर संजीव राघव ने बताया कि कंपनी को जानकारी मिली थी कि देश के विभिन्न राज्यों में उनके प्रकाशन के नाम पर पिपलैड़ा गांव की फ्रेंडस कालोनी में किताबों का कवर और डिजाइन बनाकर नकली किताबें बनकार बेची जा रही हैं। इस संबंध में कंपनी की टीम ने खोजबीन कर सूचना एकत्रित की, जिसके बारे में हापुड़ जिले की जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को भी सूचना दी गई थी।
इसके बाद शनिवार शाम को पुलिस टीम ने प्रिटिंग प्रेस पर छापा मारा। जहां बड़ी मात्रा में नकली किताबों का जखीरा मिला। इनमें एस चंद समेत एनसीईआरटी, जेपी पब्लिकेशन, मार्गो हिल आदि की नकली किताबें बरामद हुई हैं। किताबों के साथ लाखों रुपये की कीमती मशीन भी बरामद की गई हैं। इसके अलावा किताब छापने वाइंडिंग करने और पैकिंग करके बाहर डिलीवरी के लिए भेजने संबंधित सारा समान भी बरामद हुआ है।
सीओ अनीता चौहान ने बताया कि गोदाम पिपलेड़ा निवासी महबूब आलम का है। धंधे से जुड़े लोगों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। आरोपी की तलाश की जा रही है।