दिल्ली में भाजपा ने मुख्यमंत्री निवास सौंदर्यीकरण मामले को लेकर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। इस संदर्भ में विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल को एक पत्र लिखकर कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने नियमों एवं जनभावनाओं के विपरीत बिना कोई टेंडर किए अपने निवास पर 45 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं। टेंडर के बिना बंगले का जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण करवाना न सिर्फ नियमों के विरुद्ध है, बल्कि इस सब में आर्थिक घोटाला भी हुआ है। लिहाजा, दो दिनों का विशेष सत्र बुलाकर इस विषय पर चर्चा होनी चाहिए।
भाजपा विधानमंडल दल के मुख्य सचेतक अजय महावर ने कहा कि 8 साल में दिल्ली सरकार ने अनेक तर्कहीन मुद्दों पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है। दिल्ली विधानसभा में ऐसे मुद्दों पर विशेष चर्चा हुई है जो उसके अधिकार क्षेत्र में तक नहीं आते थे। पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना की नियुक्ति, सीबीआई की कार्रवाई, उद्योगपति अदाणी का मुद्दा हो या अन्य।
दिल्ली के मुख्य मंत्री के बंगले के जीर्णोद्धार में भ्रष्टाचार का मामला ऐसा मामला है जिस पर दिल्ली के हर घर में चर्चा हो रही है पर दिल्ली सरकार इस पर कोई जवाब नहीं दे रही है। एक सजग विपक्षी दल होने के नाते भाजपा का यह दायित्व है कि हम सरकार को सौंदर्यीकरण में हुई अनियमितताओं पर जवाब देने को बाध्य करें। लोकतंत्र में विधानसभा सदन सरकार की अनियमितताओं पर चर्चा का उचित मंच है।