दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने बिहार के बड़े और नामी गैंगस्टर को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान विकास सिंह के रूप में हुई है।
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पुलिस की मानें तो उसने अपने साथियों के साथ मिलकर बिहार के नामी गैंगस्टर और माफिया डॉन बबलू दुबे की बेतिया कोर्ट में पेशी के दौरान 11 मई 2017 को हत्या कर दी थी। दरअसल, बबलू के इशारे पर गैंग ने नेपाल के एक बड़े कारोबारी को अगवा कर 100 करोड़ की फिरौती मांगी थी।
50 करोड़ में सौदा तय होने के बाद कारोबारी को पहली किस्त के रूप में 10 करोड़ का सोना लेकर छोड़ दिया था। लेकिन बबलू ने अपने साथियों विकास, कुणाल और राहुल को फिरौती में से हिस्सा नहीं दिया था, जिसकी वजह से उन्होंने बबलू की हत्या कर दी।
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सूचना मिलने के बाद बिहार पुलिस विकास को ट्रांजिट रिमांड पर बिहार ले गई है। अपराध शाखा के अतिरिक्त आयुक्त राजीव रंजन ने बताया कि डीसीपी डॉ. रामगोपाल नायक, एसीपी अरविंद कुमार और इंस्पेक्टर रमेश लांबा व अन्य की टीम को सूचना मिली थी कि मई 2017 में बेतिया कोर्ट में बिहार के गैंगस्टर एवं चंपारण के माफिया डॉन बबलू दुबे की पेशी के दौरान हत्या करने वाला आरोपी विकास सिंह दिल्ली में पनाह लिए हुए है।
इस बीच 25 अगस्त को सूचना मिली कि आरोपी संगम सिनेमा, आरकेपुरम के पास अपने साथी से मिलने आने वाला है। सूचना के बाद पुलिस टीम ने आरोपी विकास को दबोच लिया। उसकी गिरफ्तारी की बिहार पुलिस को सूचना दी गई।
बिहार पुलिस ने बबलू की हत्या में विकास के शामिल होने की पुष्टि कर दी। विकास ने बताया कि वह बबलू के साथ ही वारदात को अंजाम देता था। बबलू ने नेपाल के कारोबारी सुरेश केडिया को अगवा कर 10 करोड़ का सोना वसूला था, लेकिन उसको अपने साथियों में नहीं बांटा था, जिसके बाद उसकी हत्या हुई।
वर्ष 2016 में चंपारण के डॉन और गैंगस्टर बबलू दुबे ने साथियों के साथ मिलकर नेपाल के बड़े कारोबारी सुरेश केडिया को अगवा करवा लिया। अगवा करने की पूरी प्लानिंग बक्सर जेल में बनी। विकास सिंह, राहुल सिंह और कुणाल सिंह पूरी प्लानिंग में साथ रहे।
बक्सर जेल में रची थी अगवा करने की साजिश
सुरेश को रिहा करने के लिए बदले 100 करोड़ रुपये मांगे गए, लेकिन 50 करोड़ में सौदा तय हुआ। 10 करोड़ रुपये का सोना सुरेश के मिलने वालों ने दिल्ली के चांदनी चौक में दे दिया। बाकी की रकम बाद में देने की बात कही गई।
इधर, 10 करोड़ का सोना लेकर बबलू अकेला डकार गया। उसने अपने किसी भी साथी को कुछ नहीं दिया। गुस्साए उसके साथी कुणाल, राहुल व विकास ने 11 मई 2017 को बेतिया कोर्ट में पेशी के दौरान बबलू की गोलियां बरसाकर हत्या कर दी। विकास को छोड़कर बाकी आरोपी फरार हो गए। इधर, विकास दिल्ली भाग आया।
दिल्ली आने के बाद विकास अपने साथी आशु पहलवान की मदद से दिल्ली में छुपकर रहने लगा। वह दिल्ली के अपराधियों के संपर्क में भी आया। एक बदमाश उसके साथ बिहार की जेल में बंद रहा था।
विकास के साथी ने गाजियाबाद के एक बड़े कारोबारी की हत्या करने की बात की। विकास ने 15 लाख रुपये में उसकी सुपारी ले भी ली। हत्या के लिए दो चाइनीज पिस्टल मंगा ली गई। लेकिन अभी विकास कुछ करता, इससे पूर्व पुलिस ने उसे दबोच लिया।
पुलिस की मानें तो विकास के खिलाफ हत्या के तीन, जबरन वसूली का एक व अन्य कई मामले दर्ज हैं। वहीं, बबलू के खिलाफ हत्या, जबरन वसूली समेत 50 से अधिक मामले दर्ज थे।