बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों का कहना है कि जिस वक्त यह वारदात हुई उस समय न तो मोनू मानेसर मौका-ए-वारदात पर मौजूद था और न ही जिन अन्य कार्यकर्ताओं पर आरोप लगे हैं वह मौजूद थे। ऐसे में उन्हें केवल संदेह के आधार पर नामजद करते हुए कांग्रेस सरकार ने साबित कर दिया है कि पूरी कार्रवाई द्वेष भावना से की जा रही है।
विश्व हिंदू परिषद हरियाणा के अध्यक्ष पवन कुमार ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर राजस्थान पुलिस ने बिना किसी सबूत के आधार पर मोनू मानेसर व उसके किसी भी सदस्य को गिरफ्तार किया तो वह बड़ा आंदोलन करेंगे। इसमें चक्का जाम करने जैसे फैसले लिए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि मृतक की बहन और नूंह पुलिस की बातें आपस में मेल ही नहीं खाती हैं। मृतक की बहन ने कहा था कि पुलिस ने उसके भाइयों को पकड़कर मोनू व उसके साथियों के हवाले किया था, जबकि पुलिस का कहना है कि ऐसा कुछ हुआ ही नहीं।