नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में आरक्षण नीति के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग को लेकर बिरसा आंबेडकर फुले स्टूडेंट्स एसोसिएशन (बापसा) ने कैंपस में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। संगठन ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर आरक्षण नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया हैं। बापसा ने रोहित एक्ट लागू करने, 2026-27 के पीएचडी प्रवेश में एससी-एसटी की खाली सीटों को दोबारा अधिसूचित करना और आरक्षण प्रावधानों के साथ पीएचडी ई-प्रॉस्पेक्टस फिर जारी करने की मांग की है। संगठन ने नेट-जेआरएफ आधारित प्रवेश प्रक्रिया समाप्त कर प्रवेश परीक्षा बहाल करने, वाइवा में आरक्षण लागू करने और सौ प्रतिशत वाइवा वेटेज खत्म करने की मांग भी की है। इसके अलावा छात्रावास आवंटन में आरक्षण, शिक्षकों की पदोन्नति, अकादमिक परिषद में पारदर्शिता और वंचित विद्यार्थियों के ड्रॉपआउट रोकने की मांग उठाई गई है। ब्यूरो