बांग्लादेश से पति की तलाश और न्याय के लिए ग्रेटर नोएडा आई सानिया अख्तर एक माह से भटक रही है। मगर उसे न तो पति मिला और ना ही इंसाफ है। गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने इसे सिविल का मामला बताया और कहा कि केंद्र सरकार की अनुमति मिलने पर ही मामले में कार्रवाई होगी।
सानिया का आरोप है कि सीएम पोर्टल और महिला आयोग से शिकायत के बावजूद उसकी पुकार नहीं सुनी गई। इसके बावजूद उसने हिम्मत नहीं हारी है। पीड़िता का कहना है कि वह इंसाफ के लिए जल्द कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी। वह अपने बेटे को अधिकार दिलाकर ही रहेगी।
सानिया तीन अगस्त को बांग्लादेश से अपने सवा साल के बेटे को लेकर भारत में आई थी। वकील रेणू सिंह की मदद से वह ग्रेटर नोएडा में किराये पर रहकर न्याय के लिए संघर्ष कर रही है। सानिया ने बताया कि बांग्लादेश में रहने के दौरान सौरभकांत तिवारी ने ही उसके सामने शादी का प्रस्ताव रखा था। सानिया ने शुरू में शादी से इन्कार कर दिया था।
मगर सौरभ की कंपनी के अधिकारी व कुछ अन्य लोग उसे शादी के लिए समझाने लगे। हिंदू धर्म के अनुसार पहले से विवाहित होने के कारण सौरभ दूसरा विवाह नहीं कर सकता था। इसके चलते सौरभ ने पहले अपना धर्म परिवर्तन किया, इसका शपथ पत्र भी सानिया के पास मौजूद है।
इसके अलावा भी उसके पास निकाहनामा समेत कई साक्ष्य मौजूद हैं। सानिया का कहना है कि पुलिस के सामने भी सौरभ यह स्वीकार कर चुका है कि उसने धर्म परिवर्तन कर निकाह किया है। इसके बावजूद पुलिस न तो एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई कर रही है और न ही उसे न्याय दिला पा रही है। पुलिस ने कहा कि केंद्र सरकार से अनुमति मिलने के बाद ही मामले में केस दर्ज कर कार्रवाई होगी। इसके चलते सानिया ने बांग्लादेशी दूतावास के जरिये केंद्र सरकार से अनुमति मांगी है।