अमर उजाला कार्यालय में मेडल और प्रमाण पत्र के साथ मेधावी
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जिंदगी कभी आसान नहीं होती है। कई बार कठिन समय आता ही है। यही सच्चाई है कि जिंदगी कठिन ही होती है, लेकिन निराश होने की जरूरत नहीं है। संघर्षों से जूझना ही जिंदगी है। उठिए और फिर से चल पड़िए। यही कोशिश जिंदगी के बेहतर मुकाम पर ले जाएगी। संघर्ष से तपकर ही आगे बढ़ेंगे।
बृहस्पतिवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति हासिल करने वाले होनहार छात्रों से समूह के चेयरमैन राजुल माहेश्वरी ने मुलाकात के समय यह बात कही। उनका कहना है कि जिंदगी में कभी एक ही विकल्प पर न जाएं। कम से कम चार विकल्प रखें और एक पर फोकस करें। अपनी जानकारी बढ़ाएं। खूब पढ़ें। जीवन में निराशा नहीं आने दें। मेरी यही इच्छा है कि सभी बच्चे कुछ बड़ा और नया करें। यह हमें भी आपके साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहेगा।
अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति के शुरू करने के उद्देश्य के बारे में उन्होंने बताया कि हमारा पूरा प्रयास रहता है कि अच्छे बच्चे चुने जाएं। अमर उजाला को नए मुकाम पर ले जाने वाले नवोन्मेषक अतुल माहेश्वरी की स्मृति में जब इस छात्रवृत्ति को शुरू किया गया, उस समय ही तय कर लिया गया था कि ग्रामीण परिवेश के बच्चों को इसमें मौका मिले। यही वजह है कि राज्य बोर्ड में पढ़ाई करने वाले बच्चों को इसमें शामिल किया गया।
एक छात्र के सुझाव पर उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश रहेगी कि छात्रवृत्ति पाने वालों की संख्या भी बढ़ाई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चे मेहनत करते रहें। मौजूदा सरकार के पिछले दो साल से सेना में बेटियों की भर्तियां शुरू करने की वजह से बेटियों के लिए विशेष अवसर बने हैं। अगले पांच साल यहां भरपूर मौके होंगे। ऐसे में जो बेटियां सेना में जाने की इच्छुक हैं, वे इसके लिए प्रयास करें।