राजधानी दिल्ली में पानी का संकट सियासी रूप ले रहा है। दिल्ली की जल मंत्री आतिशी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक नया पोस्ट साझा करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उपराज्यपाल ने बुधवार को एक प्रेस रिलीज जारी की थी। जिसको लेकर आतिशी ने कहा कि मुझे उन्होंने जमकर गालियां दी हैं।
मंत्री आतिशी ने एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि एलजी साहब ने ऑफिस में सभी पत्रकारों को एक प्रेस रिलीज भेजी। उसमें मुझे बहुत गालियां दी हैं। मेरे बारे में बहुत ख़राब बातें कही हैं। मैं उपराज्यपाल साहब से हाथ जोड़ के इतना ही कहूंगी। मुझे पता है कि आप और भाजपा वाले हमसे बहुत नफरत करते हैं, क्योंकि दिल्ली वाले बार-बार अपने बेटे अरविंद केजरीवाल को भारी बहुमत से मुख्यमंत्री बनाते हैं। लेकिन हमसे नफरत करते करते आपको दिल्ली वालों से नफरत हो गई है।
राजनिवास की ओर से आया जवाब
राजनिवास की ओर से एक्स पर आतिशी को जबाव देते हुए लिखा कि आपको कोई गाली नहीं दी। एलजी कार्यालय ने आपके द्वारा कल उनको दी गयी गालियों और सफेद झूठ का बकायदा साक्ष्य समेत खंडन कर दिया। आदतन दिल्ली के लोगों को भ्रमित करने का पर्दाफाश किया।
आतिशी के आरोप बेबुनियाद: राजनिवास
राजनिवास ने पानी के मुद्दे पर जल मंत्री आतिशी उपराज्यपाल पर बेबुनियाद आरोप लगा रही हैं। राजधानी में हो रही पानी की किल्लत का ठीकरा हरियाणा सरकार पर फोड़ रही हैं। उनका आरोप सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे से खारिज हो जाता है।
राजनिवास का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने आप सरकार को फटकार लगाते हुए पूछा है कि राजधानी में पानी की चोरी, रिसाव को रोकने के लिए क्या किया है। इस बारे में एक रिपोर्ट सौंपने का भी निर्देश दिया है। एक स्टिंग ऑपरेशन ने इस बात को साबित कर दिया है कि दिल्ली में पानी माफिया सक्रिय है।
राजनिवास का कहना है कि आतिशी यह कहती है कि उपराज्यपाल ने टैंकर माफिया पर नकेल नहीं कसा। यह जानने के बावजूद कि दिल्ली में बड़े पैमाने पर जल माफिया सक्रिय है, जो सबसे गरीब लोगों से पैसा वसूलता है, आम आदमी पार्टी ने कभी भी इसकी शिकायत दिल्ली पुलिस से करना उचित नहीं समझा, एफआईआर दर्ज करना तो दूर की बात है। इस बाबत ना तो कभी उपराज्यपाल से मिलने की कोशिश की गई और ना ही अवगत नहीं किया गया।
उपराज्यपाल के मुताबिक, दिल्ली को पर्याप्त मात्रा में पानी मिल रहा है। दावा किया है कि मुनक नहर से आने वाला पानी दिल्ली में टैंकरों से चोरी किया जा रहा है। हरियाणा सरकार द्वारा दायर हलफनामे से साफ है कि अपने आवंटित हिस्से से अधिक पानी की आपूर्ति कर रहा है।