फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Delhi: हनीट्रैप में फंसाकर युवक से मांगे रुपये, इंकार करने पर भिजवाया जेल, बाहर आने पर फिर शुरु की डिमांड

Tue, 27 Jun 2023 01:31 AM IST
Digvijay Singh शुजात आलम, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एक एनजीओ की महिला ने भी विकास पर दबाव बनाया। रुपये न देने पर आरोपियों ने 21 अगस्त को विकास के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे जेल भिजवा दिया। एक नवंबर 2022 को विकास को जमानत मिल गई।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दिल्ली के गांधी नगर में एक युवक को हनीट्रैप में फंसाकर वसूली का प्रयास किया गया। पीड़ित ने रुपये देने से इंकार किया तो उसके खिलाफ छेड़छाड़, महिला की लज्जा भंग करने समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जेल भिजवा दिया गया। करीब तीन माह जेल में बिताने के बाद वह जमानत पर बाहर आया तो उससे दोबारा डिमांड शुरू हो गई।

विज्ञापन

आरोपी जमानत रद्द करवाने की धमकी देकर पीड़ित से दो लाख रुपये की मांग करने लगे। उसने मामले की शिकायत पुलिस से की। हालांकि मार्च में शिकायत देने के बाद पुलिस ने करीब तीन माह बाद रविवार को इस संबंध में मामला दर्ज किया है। जानकारी के अनुसार, पीड़ित विकास राठौर परिवार के साथ गली नंबर-2, पुराना सीलमपुर में रहता है। 

 


गली नंबर-3 में इसके दोस्त की पान की दुकान है। दोस्त की दुकान के सामने लड़की और उसके परिवार का मकान व अपना ढाबा है। वहां उसकी पहचान परिवार से हुई। 11 अगस्त 2022 को लड़की ने विकास को इशारे से गली में बुलाया। उसने कहा कि उसके माता-पिता गांव गए हुए हैं, उसे डर लग रहा है, वह उसे घर छोड़ दे। विकास लड़की को लेकर उसके घर पहुंचा। लड़की ने चाय-पानी के लिए उसे बुला लिया। दोनों अंदर बैठकर बात कर रहे थे। इस दौरान लड़की का पड़ोसी और माता-पिता वहां पहुंच गए। माता-पिता ने विकास की पिटाई कर दी। उसकी जेब में रखे पैसे छीनकर उसे भगा दिया।

 

विज्ञापन

14 अगस्त 2022 को लड़की के पिता का उसके पास कॉल और 20 अगस्त को मिलने के लिए कहा। उनका कहना था कि अगर मिलने नहीं आया तो तेरे खिलाफ छेड़छाड़ और दुष्कर्म का झूठा मुकदमा दर्ज करवा देंगे। थोड़ी देर बाद लड़की के पिता ने मामला खत्म करने के लिए दो लाख की डिमांड की। रुपये न देने पर आरोपी को जेल जाने का डर दिखाया गया। 

 

इस दौरान एक एनजीओ की महिला ने भी विकास पर दबाव बनाया। रुपये न देने पर आरोपियों ने 21 अगस्त को विकास के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे जेल भिजवा दिया। एक नवंबर 2022 को विकास को जमानत मिल गई। इसके बाद भी पीड़ित से रुपयों की डिमांड चलती रही। मार्च 2023 को पीड़ित ने आरोपियों के खिलाफ शिकायत दी। पुलिस ने विकास के बयान पर मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें