डीएसपी सतेंद्र कुमार के अनुसार, होडल थाना अंतर्गत एक गांव निवासी 15 वर्षीय नाबालिग किशोरी ने दी शिकायत दर्ज कराई है कि साल 2022 में उसने महिला थाना में अपहरण कर दुष्कर्म करने का मुकदमा दर्ज कराया था, जिसकी जांच एएसआई सुशीला व एएसआई हंसराज कर रहे थे। दोनों ही उसे जांच के लिए बाल कल्याण समिति व मेडिकल के लिए जिला नागरिक अस्पताल लेकर गए थे तथा अदालत में बयान भी कराए थे।
यहां से एएसआई हंसराज उसे हस्ताक्षर कराने के बहाने ओयो होटल के कमरे में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उसे धमकी दी कि यदि इस बारे में किसी को बताया तो वह उसे जान से मार देगा। आरोपी एएसआई उसे कई बार जांच के बहाने घर से ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। उसके बाद आरोपी ने आरोपियों से मिलकर उसपर राजीनामा करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया।
शिकायत में कहा गया कि आरोपी ने उसे 17 हजार का फोन खरीद कर दे दिया, ताकि वह उक्त केस में राजीनामे के लिए तैयार हो जाए। पीड़िता ने आपबीती अपनी मां को बताई तो आरोपी एएसआई ने पुलिस का रौब दिखाकर उन्हें धमकी दी, जिसकी शिकायत पीड़िता ने डीएसपी व एसपी से की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इसके बाद उसकी मां आरोपियों व पुलिस कर्मी के दबाव में आ गई। पीड़िता ने कहा कि वह अब अपनी मां के साथ भी नहीं जाना चाहती। पुलिस का कहना है कि आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। दोषी पाए जाने पर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।