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Delhi: नेपाल-बांग्लादेश से जाली नोट लाता था असदुल्लाह, टेरर फंडिंग-ड्रग्स और धमाकों जैसे 50 से अधिक मामले दर्ज

Fri, 13 Sep 2024 03:52 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

आरोपी के पास से छह मोबाइल और 25 हजार रुपये बरामद हुए हैं। असदुल्लाह के खिलाफ टेरर फंडिंग, नकली नोट, ड्रग्स, विस्फोट एक्ट, दंगा, हत्या, हत्या के प्रयास, जबरन वसूली, अपहरण जैसे 50 से अधिक मामलों के अलावा एनआईए, ईडी और यूएपीए के तहत भी मामले दर्ज हैं।
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demo pic... - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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देश में जाली नोटों के किंगपिन पश्चिम बंगाल में टीएमसी के स्थानीय नेता असदुल्लाह बिसवास (61) को बृहस्पतिवार को स्पेशल स्टाफ ने नबी करीम के एक होटल से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से छह मोबाइल और 25 हजार रुपये बरामद हुए हैं। असदुल्लाह के खिलाफ टेरर फंडिंग, नकली नोट, ड्रग्स, विस्फोट एक्ट, दंगा, हत्या, हत्या के प्रयास, जबरन वसूली, अपहरण जैसे 50 से अधिक मामलों के अलावा एनआईए, ईडी और यूएपीए के तहत भी मामले दर्ज हैं।

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18 अगस्त को मालदा में हुई हिंसा के मामले में पश्चिम बंगाल पुलिस को उसकी तलाश थी। असदुल्लाह से एनआईए, ईडी समेत कई एजेंसियों ने उससे संयुक्त रूप से पूछताछ की है। दिल्ली पुलिस ने पश्चिम बंगाल को खबर दी तो फौरन ही पुलिस टीम दिल्ली पहुंच गई। पश्चिम बंगाल पुलिस ने कस्टडी लेकर उसे कोर्ट में पेश किया। इसके बाद ट्रांजिट रिमांड पर साथ ले गई।

मध्य जिला के पुलिस उपायुक्त एम. हर्षवर्धन के अनुसार, बुधवार रात को जिले के स्पेशल स्टाफ को सूचना मिली थी कि पश्चिम बंगाल में हिंसा के मामले का फरार आरोपी दिल्ली के नबी करीम स्थित एक होटल में छिपा हुआ है। फौरन इंस्पेक्टर रोहित कुमार व अन्यों की टीम का गठन किया गया। देर रात को पुलिस ने होटल पर छापा मारकर आरोपी को दबोच लिया। उसके पास से छह मोबाइल और 25 हजार रुपये मिले। इतने मोबाइल आरोपी पुलिस व बाकी एजेंसियों को चकमा देने के लिए अपने पास रखता था। असदुल्लाह टीएमसी की पंचायत समिति का सदस्य है। जो दल भी सत्ता में रहा उससे असदुल्लाह की नजदीकियां रहीं। स्थानीय स्तर पर वह काफी प्रभावशाली है। जाली नोटों का धंधा उसने देशभर में फैला रखा है। डर की वजह से कोई उसके खिलाफ गवाही देने को भी तैयार नहीं होता था। इस वजह से 50 मामले दर्ज होने के बावजूद खुलेआम घूम रहा था।
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बृहस्पतिवार को ट्रेन से जाना था पटना
पुलिस को पता चला है कि 18 अगस्त को मालदा के कालिया चौक थाना एरिया में दो गुटों में बवाल हुआ था। इसमें एक व्यक्ति की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी, कई लोग जख्मी हुए थे। असदुल्लाह के खिलाफ इस मामले में नामजद रिपोर्ट दर्ज थी। मामले में पश्चिम बंगाल पुलिस 10 लोगों को गिरफ्तार भी कर चुकी थी। सात सितंबर को असदुल्लाह भागकर दिल्ली आ गया था। यहां बड़े आराम से वह नबी करीम के एक होटल में रुका हुआ था। खबर मिलते ही पुलिस ने उसे दबोच लिया। पुलिस को उसके पास से बृहस्पतिवार का पटना जाने के लिए राजधानी एक्सप्रेस का टिकट मिला है।

नेपाल और बांग्लादेश से लेकर आता था जाली नोट
पुलिस को पता चला है कि असदुल्लाह वर्ष 1984 से अपराध जगत से जुड़ा हुआ है। वर्ष 2016 में उसने कालिया चौक थाने को आग लगा दी थी। नेपाल और बांग्लादेश से जाली नोट लाकर भारत में सप्लाई करता था। इसी संबंध में एनआईए और ईडी ने टेरर फंडिंग का मामला दर्ज किया था। असदुल्लाह के परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटे व एक बेटी हैं। एक बेटे ने यूके से एमबीबीएस किया है। बेटी पुणे से एमबीबीएस कर रही है। 18 अगस्त के दंगे वाले मामले में पुलिस ने असदुल्लाह के बेटे को भी गिरफ्तार कर रखा है।

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