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Delhi Budget: केजरीवाल बोले- ये बजट है बेरोजगारी का समाधान, 20 लाख नए रोजगार देने का लक्ष्य

Sat, 26 Mar 2022 05:37 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

केजरीवाल ने सदन में बजट पेश किए जाने के बाद इसे लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और मनीष सिसोदिया की तारीफ करते हुए इस बजट को विस्तार से समझाया...
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अरविंद केजरीवाल - फोटो : वीडियो ग्रैब
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विस्तार
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दिल्ली विधानसभा में आज उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने 2022-23 का बजट पेश किया। इसके बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री ने इस पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और मनीष सिसोदिया को ऐसा बजट पेश करने के लिए बधाई दी। केजरीवाल ने ये भी कहा कि यह बजट बेरोजगारी का समाधान है और इससे सच में अगले पांच सालों में 20 लाख नए रोजगार का सृजन होगा। केजरीवाल ने बजट के हर पहलू को विस्तार से समझाया।

केजरीवाल के प्रेस कॉन्फ्रेंस की प्रमुख बातें

  • 2014-15 में हमने 31 हजार करोड़ का बजट पेश किया था। आज जब हमने बजट पेश किया तो वो लगभग 76 हजार करोड़ रुपये का है। आठ में बजट लगभग ढाई गुना हो गया है।
  • अगर हम देश की सभी सरकारें देखें तो ये किसी चमत्कार से कम नहीं है। हमारी पार्टी कट्टर ईमानदार पार्टी है हमारी सरकार कट्टर ईमानदार सरकार है जिसकी वजह से बजट में ये उछाल आया।
  • आज आम आदमी के सामने दो सबसे बड़ी समस्याएं हैं- रोजगार और महंगाई। आज दिल्ली में जो बजट पेश किया गया अगर इसे मोटे तौर पर देखूं तो यह दिल्ली के लोगों की रोजगार और महंगाई की समस्या का समाधान करता है। मुझे नहीं लगता कि किसी भी सरकार ने इतने बड़े स्केल पर रोजगार पैदा करने के लिए प्रयास किया है।
  • पिछले सात साल में दिल्ली सरकार ने लगभग 12 लाख रोजगार दिल्ली के युवाओं के लिए तैयार किया है। इनमें से लगभग 1.78 लाख रोजगार सरकारी सेक्टर में थे और लगभग 10 लाख निजी क्षेत्र में थे। 
  • आज पेश किया गया बजट अगले पांच साल में 20 लाख नए रोजगार पैदा करने का लक्ष्य रखता है। आज के बजट में इसका पूरा खाका रखा गया। यह बोल्ड और इनोवेटिव बजट है जिसके लिए सिसोदिया जी को बधाई देता हूं।
  • 20 लाख जॉब्स का ये जो बजट है उसमें बताया गया है कि दिल्ली में 1 करोड़ 68 लाख लोग जॉब करने के लिए सक्षम हैं। इनमें से एक-तिहाई लोगों के पास जॉब है बाकियों के पास नहीं है जिसे पांच साल में 45 प्रतिशत तक लाना है।
  • इस बजट में बताया गया है कि इन सेक्टरों में जॉब दिए जाएंगे, उनमें प्रमुख हैं- रिटेल सेक्टर, फूड एंड बेवरेज, लॉजिस्टिक एंड सप्लाई चेन, ट्रवेल एंड टूरिज्म, एंटरटेनमेंट, कंस्ट्रक्शन, रियल एस्टेट, ग्रीन एनर्जी।
  • दिल्ली की पांच मार्केट की पहचान की गई है जिनका पूरी तरह से विस्तार और विकास होगा जिससे बड़े स्तर पर बिजनेस होगा जिससे, रोजगार भी सृजित होंगे।
  • दिल्ली शॉपिंग फेस्टिवल लगाया जाएगा। इससे दिल्ली में बहुत सारे टूरिस्ट पूरी दुनिया से आएंगे जिससे दिल्ली की इकोनॉमी बढ़ेगी और बड़े स्तर पर रोजगार पैदा होंगे।
  • अलग से दिल्ली होलसेल शॉपिंग फेस्टिवल शुरू किया जाएगा।
  • दिल्ली बाजार पोर्टल बनाया जाएगा जिस पर दिल्ली की हर एक दुकान होगी। जिससे लोकल मार्केट से विदेश से लेकर पूरे देश के लोग माल खरीद सकेंगे।
  • गांधी नगर बनेगा ग्रैंड गार्मेट हब। इससे भी रोजगार उत्पन्न होंगे।
  • दिल्ली की नई स्टार्टअप पॉलिसी के तहत भी नए रोजगार का सृजन होगा।
  • फेमस फूड हब्स को रिडेवलप किया जाएगा।
  • सरकार फूड ट्रक पॉलिसी भी ला रही है, जिससे बड़े स्तर पर रोजगार सृजित होंगे।
  • क्लाउड किचन क्लस्टर की स्थापना होगी, इलेक्ट्रॉनिक सिटी बनाई जाएगी, ई-वेहिकल, सोलर एनर्जी और अर्बन फार्मिंग के जरिए पहले ही दिल्ली ईवी कैपिटल बन चुकी है।
  • नई फिल्म पॉलिसी के जरिए भी बहुत से रोजगार पैदा होंगे।
  • दूसरी सबसे बड़ी परेशानी महंगाई की है। इससे बचाने के लिए दिल्ली सरकार को कई सुविधाएं मिलेंगी। इस साल पौने चार लाख लोगों ने अपने बच्चों को प्राइवेट की जगह सरकारी स्कूलों में डाला है।
  • हेल्थ के क्षेत्र में दिल्ली अकेला राज्य है जहां अमीर-गरीब सबका इलाज फ्री है। हर तरह की जांच भी फ्री है।
  • दिल्ली की 73 प्रतिशत जनता को फ्री बिजली मिलती है। यहां लोगों को पानी भी फ्री मिल रहा है। पहले 10-10 के बिल आते थे अब फ्री है।
  • अब पानी 24 घंटे आए उसकी व्यवस्था कर रहे हैं।
  • महिलाओं को फ्री ट्रांसपोर्ट की सुविधा भी हम दे रहे हैं।
  • 31 मार्च 2023 तक दिल्ली की सभी कच्ची कॉलोनियों में सीवर, पानी, सड़क आदि का काम पूरा हो जाएगा। इससे लोग इज्जत की जिंदगी जी सकेंगे।
  • यमुना को भी साफ करेंगे। आज बजट के अंदर उसके लिए प्रावधान किया गया है।
  • उन बच्चों के लिए स्टेट ऑफ द आर्ट फैसिलिटी का स्कूल बनाएंगे जो बच्चे लोगों को रेड लाइट पर मिलते हैं। इनकी तरफ कोई ध्यान नहीं देता। 10 करोड़ का इसके लिए प्रावधान किया गया है। ये रेजिडेंशियल स्कूल होगा बिल्कुल अलग तरह का।
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