नई दिल्ली (संवाद)। रविवार शाम त्रिवेणी कला संगम के ऑडिटोरियम में भरतनाट्यम कलाकार अनन्या चटर्जी ने उद्भव ए ट्रांसफॉर्मेशन प्रस्तुति दी। उन्होंने 15 वर्षों की साधना और कलाकार के भीतर आए बदलाव को दर्शाया। प्रस्तुति में नृत्य, अभिनय और भाव पक्ष प्रभावी रहे। गुरु प्रो. सीवी चंद्रशेखर की पुरानी कोरियोग्राफी भी इसमें शामिल थी। मंच पर वरुण राजशेखरन ने नट्टुवंगम पर संगत की। गायन पर वेंकटेश्वरन कुप्पुस्वामी और मृदंगम पर विग्नेश जयरामन थे। वायलिन पर अरविंद नारायणन और वीणा पर विदुषी राधिका रामकृष्णन ने भी संगत दी। अनन्या ने कलाक्षेत्र शैली में आचार्य जयलक्ष्मी ईश्वर के मार्गदर्शन में एक दशक से अधिक प्रशिक्षण लिया है। वह फिलहाल रंजीत बाबू और विजना वासुदेवन से उन्नत प्रशिक्षण जारी रख रही हैं।