अमित शाह ने बैठक कर दिल्ली पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि गंभीर प्रकृति के चिंहित अपराधों में पुलिस द्वारा चार्जशीट को लीगल वैटिंग के पश्चात ही दायर किया जाए। निगरानी अपराध को रोकने व इसकी जांच में पुलिसिंग का प्रमुख अंग है, इसलिए दिल्ली में सिविल प्रशासन, पुलिस द्वारा लगाए गए कैमरों के साथ ही सार्वजनिक स्थलों जैसे एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड व बाजार आरडब्ल्यूए द्वारा लगाए गए सीसीटीवी कैमरों के कंट्रोल रूम से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ड्रग्स के अभिशाप से देश को मुक्त करने के लिए संकल्परत है। दिल्ली में ड्रग्स के ऊपर काबू पाने के लिए विस्तृत कार्य-योजना तैयार की गई है। मल्टी क्रिमिनल गैंग पर नकेल कसने की रणनीति बनाई गई है।
बैठक में भारत में आयोजित होने वाले जी-20 सम्मेलन की सुरक्षा पर चर्चा की गई। उन्होंने निर्देश दिए कि गृहमंत्रालय की एक टीम द्वारा सुरक्षा अध्ययन के लिए कुछ ऐसे देशों का दौरा करेगी, जहां जी-20 सम्मेलन का सफल आयोजन हो चुका है। केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने इन्हें सुरक्षित वातावरण देने के प्रयासों को और अधिक प्रोफेशनल व संवेदनशील अप्रोच के साथ गति देने के निर्देश दिए।
पुलिस को ट्रैफिक जाम वाली जगहों की पहचान कर ट्रैफिक के सुगम संचालन के प्रयास किए जाने चाहिए। अमित शाह ने पुलिसकर्मियों की फिटनेस और पुलिस थानों के समय पर निरीक्षण पर भी ध्यान देने की आवश्यकता बताई। पुलिस को मानवीय कार्यों को जनसामान्य तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया का उपयोग किया जाना चाहिए। पुलिस के प्रति गलत धारणा को बदलने के लिए पुलिस को स्कूली बच्चों के साथ समय बिताना चाहिए। केंद्रीय गृहमंत्री ने कॉमनवेल्थ खेलों व वल्र्ड पुलिस फायर गेम्स समेत अन्य खेलों में पदक जीतने वाले 19 पुलिसकर्मियों व पुलिस वार्ड्स को सम्मानित कर उन्हें शुभकामनाएं दीं।