शहर चुनें

अपना शहर चुनें

Top Cities
States

उत्तर प्रदेश

दिल्ली

उत्तराखंड

हिमाचल प्रदेश

जम्मू और कश्मीर

पंजाब

हरियाणा

विज्ञापन

एम्स में मरीजों के लिए तीन घंटे तक सांस लेना भी रहा मुहाल, सड़क पार करने के लिए देने पड़े 80 रुपये

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 18 Aug 2019 05:36 AM IST
मरीजों को वापस ले जाते परिजन - फोटो : अमर उजाला
यूपी के बरेली से आए मोहम्मद आरिफ कई माह से फेफड़ों की परेशानी से ग्रस्त हैं। वहां डॉक्टरों ने उन्हें फेफड़ों में कैंसर होने की जानकारी दी। इसीलिए वे दिल्ली एम्स में इलाज के लिए आए थे। शनिवार को आग की जानकारी मिलने के बाद वे अन्य मरीजों के साथ आपाताकालीन विभाग के बाहर निकल आए। बाहर बारिश आने के कारण उन्हें स्ट्रेचर पर रहना पड़ा। चलने में परेशानी होने और आसपास दूसरा कोई इंतजाम न होने के कारण वे बारिश में ही लेटे रहे। 
विज्ञापन
ऐसा ही हाल मुरादाबाद से रेफर होकर इलाज कराने आए 35 वर्षीय कपिल भटनागर का है। वे दिल और किडनी के मरीज हैं। शनिवार को वे एम्स के आपातकालीन विभाग पहुंचे। यहां उनके साथ मौजूद परिजन तीन घंटे तक लाइन में खड़े होकर उनके भर्ती होने का इंतजार करते रहे। कुछ ही देर में उनका नंबर आने वाला था कि तभी पास के टीचिंग ब्लॉक सें आग की लपटें खिड़की से बाहर आते देख हड़कंप मच गया। 

ये भी पढ़ेंः एम्स में 360 करोड़ की लागत से 16 मंजिल की नई इमारत बनेगी, 20 बिंदुओं पर जारी की थी एडवाइजरी

डॉक्टरों से लेकर नर्स, स्वास्थ्य कर्मचारी, सुरक्षा गार्ड तक बाहर की ओर दौड़ पड़े। अंदर मौजूद मरीजों को उनके तीमारदार स्ट्रेचर पर लेकर बाहर दौड़ पड़े। यह देख कपिल के हाथ-पांव भी फूल गए। आपातकालीन वार्ड भी बंद कर दिया गया। करीब दो घंटे डॉक्टर वार्ड के बाहर ही मरीजों को उपचार देने लगे। गंभीर अवस्था वाले मरीजों को उन्होंने सफदरजंग रेफर कर दिया। कपिल और उसके परिजन न चाहते हुए भी करीब छह घंटे इंतजार के बाद सफदरजंग अस्पताल पहुंचे। 

ऐसा ही हाल मरीज सविता गुप्ता का रहा। किडनी की बीमारी से पीड़ित सविता आपातकालीन विभाग आई थीं। वे दो दिन से एम्स में इलाज कराने आ रही हैं, लेकिन शनिवार को जब उन्हें भर्ती होना था तो आग लगने से वे मायूस हो गईं। आखिर में उन्हें भी सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया गया। 

ये भी पढ़ेंः दिल्लीः एम्स में लगी आग से उठ रहे ये सवाल, कैसे होगी भरपाई

सड़क पार करने के 80 रुपये
एम्स में हादसे के बाद प्रबंधन ने मरीजों को सफदरजंग अस्पताल रेफर करना शुरू किया तो बाहर खड़े ऑटो वालों ने जमकर इसका फायदा उठाया। ऑटो चालकों ने सड़क पार करने का किराया 80 रुपये वसूला। इस दौरान मरीजों को सफदरजंग अस्पताल के आपातकालीन विभाग तक पहुंचाया गया। सफदरजंग अस्पताल और एम्स के आपातकालीन विभाग सड़क के दो छोर पर आमने-सामने स्थित हैं।
विज्ञापन

Recommended

aiims fire in aiims doctors patients

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Recommended Videos

Related

Next
Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।