अपराध शाखा के विशेष पुलिस आयुक्त रविंद्र सिंह यादव ने बताया कि बुजुर्ग दंपती की हत्या के बाद आरोपी घर से ज्वेलरी व नकदी ले गए थे। मामला दर्ज कर गोकलपुरी थाना पुलिस ने जांच शुरू की। जांच में बहू मोनिका, प्रेमी आशीष और आशीष के दोस्त विराज का नाम सामने आया था। पुलिस ने मोनिका व आशीष को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि विराज फरार था। एसीपी अरविंद कुमार की देखरेख में इंस्पेक्टर अरुण सिद्धू व एएसआई रविंद्र सिंह की टीम विराज को तलाश रही थी।
इंस्पेक्टर अरुण को विराज के कोटला गांव, मयूर विहार में होने की सूचना मिली थी। पुलिस ने यहां घेराबंदी कर सेक्टर-3, चिरंजीव विहार, गाजियाबाद यूपी निवासी विराज (29) को गिरफ्तार कर लिया। आशीष ने उसे पैसे का लालच देकर वारदात में शामिल किया था। आशीष ने उससे कहा था कि बुजुर्ग दंपति के घर में पांच लाख रुपये रखे हुए है।
इसके अलावा प्रॉपर्टी को बेचने के काफी पैसा मिल जाएगा। विराज ने पूछताछ में बताया कि मोनिका को लगता था कि सास-ससुर उसे संपत्ति में कुछ हिस्सा नहीं देंगे। सास-ससुर ने उसे प्रेमी के साथ देख लिया था। इस कारण उसने सास-ससुर व पति की हत्या की साजिश रची थी। जब आशीष व विराज दंपति की हत्या करने गए घर में गए तो मोनिका ने पति को नींद की गोलियां खिला दी थीं।