गांव खोरी खुर्द के अधिवक्ता हसीन ने तावडू़ पुलिस पर परिजनों को नाजायज तरीके से परेशान करने का आरोप लगाया है। अधिवक्ता ने परेशान होकर पुलिस विभाग के आलाधिकारियों सहित राष्टीय मानव आयोग दिल्ली को लिखित शिकायत भेज न्याय की फरियाद की है।
अधिवक्ता ने भेजे गए पत्र में लिखा है की गत 6 दिसंबर को निकटवर्ती गांव खोरी कलां से एक 12वीं पास युवती अपने घर से बैगर परिजनों को बताए निकल गई। पड़ित युवती के पिता ने मामले की पुलिस में शिकायत दर्ज कराई हुई है। दर्ज शिकायत में किसी भी व्यक्ति को आरोपी नहीं बनाया हुआ है।
अधिवक्ता का आरोप है की पुलिस प्रशासन उसके परिजनों को नाजायज तौर पर तंग करते हुए लड़की को बरामद करने का दबाव बनाया जा रहा है। जबकि इस मामले से अधिवक्ता के परिजनों का सरोकार नहीं है। अधिवक्ता का कहना है की गांव के एक व्यक्ति पर पीड़िता पक्ष अपना शक जता रहा है।
जबकि उस परिवार के साथ करीबन दो दशक से उनका अपनी मलकियत बाबत कोर्ट में मुकदमा चल रहा है। जिनका उनके परिजनों से कोई ताल्लुककात नहीं है। इसके बावजूद तावड़ू पुलिस उसके घर पर आकर उस व्यक्ति के पास से लड़की को बरामद करने का नाजायज दबाव बनाया जा रहा हैं।
जब इस बारे में खोरी कलां चौकी इंचार्ज के मोबाईल नंबर 8930900223 पर बात की गई तो हेड कांस्टेबल कृष्ण कुमार ने बताया की अधिवक्ता के परिजनों को पुलिस द्वारा परेशान करने का कोई मकसद नहीं है। हालाकि पुलिस किसी से भी पूछताछ कर सकती है।
विदित हो की पीड़ित सुमेर सिंह निवासी गांव हनुमान नगर खोरी कलां की पुत्री गत 6 दिसंबर को घर से बिना परिजनों को बताए चली गईथी। जिसका पुलिस ने पीड़ित पक्ष की शिकायत पर मामला दर्ज किया हुआ है। मुकदमा दर्ज होने के 6 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली है। पीड़ित पक्ष ने पुलिस से गायब लड़की को बरामद करने की फरियाद की है।