संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली दिल्ली।
पूर्वी दिल्ली स्थित स्वामी दयानंद अस्पताल में आम लोगों को ऑटोइम्यून बीमारियों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से रूमो-ऑर्थो डॉक टॉक का आयोजन कराई गई। इस जन-जागरूकता कार्यक्रम में रूमेटोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स और फिजियोथेरेपी विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टर एक मंच पर मौजूद रहे और मरीजों व उनके परिजनों के सवालों के सीधे जवाब दिए। मुख्य उद्देश्य गठिया, रूमेटॉइड आर्थराइटिस, एंकायलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस, ल्यूपस जैसी ऑटोइम्यून बीमारियों के बारे में फैली भ्रांतियों को दूर करना और समय पर सही इलाज के प्रति लोगों को जागरूक करना रहा। विशेषज्ञों ने बताया कि ऑटोइम्यून बीमारियां क्या होती हैं, इनके शुरुआती लक्षण कैसे पहचानें और किन परिस्थितियों में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। डॉक्टरों ने बताया कि ऑटोइम्यून रोगों में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली अपने ही अंगों पर हमला करने लगती है, जिससे जोड़ों में दर्द, सूजन, जकड़न और चलने-फिरने में दिक्कत जैसी समस्याएं पैदा होती हैं। समय पर निदान और सही उपचार से इन बीमारियों को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।