रोहिणी जिले में एडिशनल सेशन जज (एएसजे) साइबर ठगी का शिकार हो गए। बदमाशों ने बेहद चालाकी से उनके व्हाट्सएप को दूसरे नंबर पर एक्टिवेट करने के अलावा उनकी कॉल को दूसरे नंबर पर फारवर्ड कर लिया। इसके बाद जज के दोस्तों से एक लाख 10 हजार रुपये वसूल लिए गए। इस दौरान आरोपियों ने उनके बैंक खाते की भी जानकारी लेने का प्रयास किया।
पता चलते ही पीड़ित जज जितेंद्र सिंह ने मामले की शिकायत पुलिस से की। छानबीन के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित ने व्हाट्सएप और निजी मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनी पर भी सवाल खड़ा करते हुए उनकी भूमिका संदिग्ध बताई है। अब साइबर थाना पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
पुलिस के मुताबिक पीड़ित जितेंद्र सिंह उत्तर-पश्चिम जिला की इलेक्ट्रिसिटी कोर्ट में तैनात हैं। पीड़ित ने बताया कि 11 जुलाई को उनके मोबाइल पर अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉलर ने कहा कि कूरियर बॉय कुछ दस्तावेज लेकर उनके घर पर आया है। आरोपियों ने पीड़ित को एक नंबर देकर उसे कॉल करने के लिए कहा।
चूंकि जज के कुछ कागजात बैंक से आने वाले थे, इसलिए उन्होंने कॉलर की बात पर यकीन करते हुए नंबर पर कॉल कर दी। नंबर डायल करते ही उनका व्हाट्सएप किसी और नंबर पर रजिस्टर्ड हो गया। एक एसएमएस उनको मिला। इसके बाद एक व्यक्ति ने कॉल कर उनसे उनके बैंक खाते ही जानकारी भी जानना चाही।
इस दौरान उनकी कॉल भी फरवर्ड हो गई। साइबर ठगी का शक होते ही फौरन जितेंद्र सिंह ने मामले की सूचना पुलिस को दी। सारी बात बताने पर कॉल फारवर्ड करने की जानकारी जुटाई गई। व्हाट्सएप की आखिरी लोकेशन सिवान बिहार और आरोपी की लोकेशन जमशेदपुर, झारखंड की मिली। जितेंद्र सिंह ने तुरंत अपना बैंक खाता फ्रीज करा दिया।
साइबर टीम की मदद से शाम के समय उनके व्हाट्सएप की एक्सेस उनको मिली। इसके बाद उनको पता चला कि आरोपियों ने उनके दो दोस्तों से वसूली कर एक लाख दस हजार रुपये वसूल लिए थे। इसके बाद व्हाट्सएप के सर्विस सपोर्ट पर शिकायत की गई। नोडल अधिकारी को कॉल की, लेकिन कॉल नहीं उठा। पुलिस मामले की जांच कर रही है।