नई दिल्ली। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) के कलानिधि विभाग की ओर से ‘आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी व्याख्यान’ का आयोजन किया गया। ‘हजारी प्रसाद द्विवेदी और भारतीय संस्कृति’ विषय पर आयोजित व्याख्यान में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त आचार्य और हिंदी विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. अवधेश प्रधान ने उनके साहित्य, चिंतन और भारतीय संस्कृति में योगदान पर विचार रखे। प्रधान ने कहा कि गुरु को पारस पत्थर जैसा होना चाहिए, जो अपने शिष्यों को सोना बना दे। कार्यक्रम की अध्यक्षता आईजीएनसीए के अध्यक्ष रामबहादुर राय ने की। कार्यक्रम में कलानिधि विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. के. अनिल कुमार ने स्वागत भाषण और अतिथि परिचय प्रस्तुत किया। संचालन और धन्यवाद ज्ञापन कलानिधि विभाग की श्वेता सिंह ने किया। संवाद