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पहली वारदात में पकड़े गए: पांच ग्रेजुएट बने फर्जी पुलिस कर्मी, अपहरण कर 45 मिनट सड़क पर घूमे; ये थी योजना

Thu, 26 Jun 2025 07:57 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

दिल्ली में एक शख्स को अपहरण कर उसे कार में बंधक बनाने के मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी बंधक बनाए गए शख्स से मोटी रकम ऐंठना चाहते थे। आरोपियों ने वारदात के लिए ग्रैंड विटारा कार का इस्तेमाल किया था। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Freepik
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विस्तार
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दिल्ली पुलिस के कर्मी बनकर मुनिरका से एक व्यक्ति का अपहरण कर उसे कार में बंधक बनाने का मामला सामने आया है। आरोपी करीब 45 मिनट तक पीड़ित जोशुआ हमार को इधर-उधर घूमाते रहे। वह पीड़ित से मोटी रकम ऐंठना चाहते थे।

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किशनगढ़ थाना पुलिस ने वारदात को कुछ ही घंटों में सुलझाते हुए पांच आरोपियों परवेश, आर्यमन चौधरी, रितिक गौहर, देव आनंद यादव और शरमन राय को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से ग्रैंड विटारा व दिल्ली पुलिस का लोगो लगी टी-शर्ट बरामद कर ली गई। आरोपियों ने ये टी-शर्ट वारदात के समय पहन रखी थी।

दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बताया कि मुनिरका, नई दिल्ली निवासी जोशुआ हमार (30) ने 16 जून को किशनगढ़ थाना पुलिस को शिकायत दी थी कि 15/16 जून की मध्य रात्रि को लगभग 1.20 से 01.40 बजे के बीच शिवम मेडिकोज, फक्कर वाला पार्क, मुनिरका पास से 4 व्यक्तियों ने उसका अपहरण कर लिया। आरोपी उसे कार में घूमाते रहे। 
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आरोपियों ने खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताकर उनसे जबरन पैसे ऐंठने का प्रयास किया गया। शिकायतकर्ता किसी तरह आरोपियों के चुंगल से मुक्त होकर भागने में सफल रहा। मामला दर्जकर किशनगढ़ थाने के कार्य वाहक थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राजीव कुमार के नेतृत्व में एसआई विनोद कुमार, एसआई धर्मेंद्र व हवलदार योगेश शर्मा की टीम ने जांच शुरू की।

पुलिस टीम ने घटना के आस-पास के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया गया ता एक संदिग्ध/कथित कार दिखाई दी। कई सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा करने के बाद, कथित अपहरण में शामिल कार ग्रैंड विटारा की पहचान की गई। इसके बार कार मालिक सफदरजंग एन्क्लेव, नई दिल्ली निवासी परवेश (25) को गिरफ्तार कर लिया गया। 

उसने बताया कि घटना के समय वह कार चला रहा था और उसके दोस्तों ने पीड़ित का अपहरण कर लिया और पैसे ऐंठने की कोशिश की। उसकी निशानदेही पर, मामले में बाकी आरोपी आर.के. पुरम निवासी आर्यमन चौधरी (22), एस.जे. एन्क्लेव निवासी रितिक गौहर निवासी (23) वर्ष, आर.के. पुरम निवासी देव आनंद यादव (23) और बी.के. दत्त कॉलोनी शर्मन राय (22) वर्ष को गिरफ्तार कर लिया गया।

सभी आरोपी हैं ग्रेएजुएट
मूलरूप से गांव बिलपुर, पीएस चंदवाजी, जिला जयपुर, राजस्थान के रहने वाला आरोपी परवेश एक प्रॉपर्टी डीलर है। वह स्नातक है और अविवाहित है। मूलरूप से गांव ज्वालाजी, जिला कांगडा, हिमाचल प्रदेश का रहने वाला आरोपी आर्यमन चौधरी स्नातक डिग्री होल्डर है और अविवाहित है। मूलरूप से गांव भट्टा, जिला झांसी, यू.पी निवासी ऋतिक गौहर एक फ्रीलांसर के रूप में काम करता है। वह स्नातक है और अविवाहित है।मूलरूप से जिला अलवर, राजस्थान निवासी आरोपी देव आनंद यादव वह स्नातक है और अविवाहित है। मूलरूप से गांव भोरन चनाल्टी, जिला कांगडा, हिमाचल प्रदेश का रहने वाला आरोपी शरमन राय निवासी स्नातक है और अविवाहित है।

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