उसने जीजा को साढ़े चार लाख रुपये उधार दे रखे थे। बार-बार मांगने के बाद भी जीजा उसके पैसे वापस नहीं कर रहा था। इससे गुस्साए मंजर ने सात मई को चाकू से ताबड़तोड़ वार कर जीजा सज्जाद की हत्या कर दी। एसीपी प्रदीप कुमार की देखरेख में गोविंदपुरी थानाध्यक्ष जगदीश यादव, इंस्पेक्टर योगेंद्र कुमार, एसआई तालिब चौधरी, सिपाही धर्मेन्द्र व सुनील की टीम ने आरोपी की तलाश शुरू की।
दो महीने की तफ्तीश के बाद एसआई तालिब चौधरी की टीम ने आरोपी को किशनगढ़, राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी वहां प्राइवेट जॉब कर रहा था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी फरारी के दौरान कई राज्यों में घूमता रहा।