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Delhi-Mumbai Access Control Link: जून में दिल्ली-मुंबई का सीधा सफर आसान करेगा एक्सेस कंट्रोल लिंक, ट्रायल शुरू

Wed, 20 May 2026 04:20 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली

सार

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को इस कॉरिडोर के दिल्ली में 9 किलोमीटर हिस्से का निरीक्षण किया। अब इस पर ट्रायल शुरू कर दिया गया है। 20 दिन तक इसका परीक्षण किया जाएगा।
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कंट्रोल लिंक का निरीक्षण करते केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली-मुंबई एक्सेस कंट्रोल लिंक का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को इस कॉरिडोर के दिल्ली में 9 किलोमीटर हिस्से का निरीक्षण किया। अब इस पर ट्रायल शुरू कर दिया गया है। 20 दिन तक इसका परीक्षण किया जाएगा।

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केंद्रीय मंत्री ने बताया कि दिल्ली वाले हिस्से का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। साथ ही ट्रायल भी शुरू कर दिया गया है। जून के तीसरे सप्ताह में इसे आधिकारिक तौर पर आम लोगों के लिए खोलने की याेजना। केंद्रीय मंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उद्घाटन के लिए पत्र भी लिखने वाले हैं। यह खंड न केवल स्थानीय यातायात को सुगम बनाएगा, बल्कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे तक सीधी पहुंच प्रदान करेगा। 

भारतमाला परियोजना के तहत विकसित यह एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे 59.063 किमी लंबा है, जिसकी अनुमानित लागत 4,463 करोड़ है। यह हाई-स्पीड सिक्स-लेन कॉरिडोर दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद, गुरुग्राम और सोहना जैसे प्रमुख शहरों को एक सूत्र में पिरोएगा।
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जेवर एयरपोर्ट से भी सीधी कनेक्टिविटी
इस परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण पहलू नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के लिए कनेक्टिविटी है। उत्तर भारत से आने वाले ट्रैफिक के कारण दिल्ली पर यातायात का भारी दबाव रहता है। चांदावली (फरीदाबाद) से दयानतपुर (गौतम बुद्ध नगर) तक बनने वाला 31.425 किमी लंबा लिंक इस दबाव को काफी कम कर देगा। 

यह लिंक ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे (ईपीई) और यमुना एक्सप्रेसवे को भी जोड़ेगा, जिससे दक्षिण दिल्ली, गुरुग्राम और फरीदाबाद के यात्री बिना किसी बाधा के सीधे जेवर एयरपोर्ट पहुंच सकेंगे। यह कॉरिडोर उन क्षेत्रों से होकर गुजरता है जिन्हें फरीदाबाद मास्टर प्लान 2031 के तहत उच्च घनत्व वाले शहरी विकास के लिए चिन्हित किया गया है। इसके पूरा होने से न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि क्षेत्र में लॉजिस्टिक्स और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

फ्यूचर-रेडी दिल्ली, एक्सप्रेसवे और एलिवेटेड कॉरिडोर्स से बदलेगी राजधानी की सूरत : सीएम
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा दिल्ली-एनसीआर के लिए शुरू की गई सड़क एवं कनेक्टिविटी परियोजनाओं के लिए उनका आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने दिल्ली में आधुनिक, विश्वस्तरीय और फ्यूचर-रेडी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने का कार्य किया है। इससे राजधानी को ट्रैफिक जाम और प्रदूषण जैसी गंभीर समस्याओं से राहत मिल रही है।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने दिल्ली-एनसीआर में चल रही और प्रस्तावित अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं की जानकारी साझा की। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि अगर एक्सप्रेसवे, एलिवेटेड कॉरिडोर, टनल और सिग्नल-फ्री सड़क नेटवर्क का निर्माण नहीं हुआ होता तो आज दिल्ली में ट्रैफिक जाम की स्थिति की कल्पना करना भी कठिन होता।

1.60 लाख करोड़ की परियोजनाओं से बदला दिल्ली का भूगोल
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 12 वर्षों में केवल दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के विकास के लिए 1,31,000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं स्वीकृत की गई थीं। वहीं, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की कि अब पूर्ण हो चुकी, निर्माणाधीन और आगामी योजनाओं को मिलाकर दिल्ली-एनसीआर में कुल रोड इंफ्रास्ट्रक्चर (सड़क अवसंरचना) परियोजनाओं का दायरा लगभग 1.60 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे लिंक परियोजना का विशेष उल्लेख करते हुए इसे राजधानी के लिए एक ऐतिहासिक सौगात बताया।

आगामी मेगा प्रोजेक्ट्स बदलेंगे दिल्ली का चेहरा
इस दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने दिल्ली से जुड़े कई बड़े आगामी प्रोजेक्ट्स की घोषणा की। इनमें यूईआर-2 से दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी के लिए 3500 करोड़ रुपये की छह-लेन परियोजना, नोएडा-फरीदाबाद हाई-स्पीड कॉरिडोर के लिए 7500 करोड़ रुपये की परियोजना, दिल्ली-अमृतसर-कटरा कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट, शिवमूर्ति से नेल्सन मंडेला मार्ग तक 7000 करोड़ रुपये की टनल परियोजना और एम्स से महिपालपुर-गुरुग्राम तक 5000 करोड़ रुपये का एलिवेटेड कॉरिडोर शामिल हैं।

इन परियोजनाओं से राजधानी में ट्रैफिक दबाव कम होगा और दिल्ली की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और अधिक मजबूत होगी। इसके अलावा कालिंदी कुंज इंटरचेंज एवं फ्लाईओवर, आश्रम-बदरपुर सिक्स-लेन कॉरिडोर, हरियाणा-दिल्ली बॉर्डर से पंजाबी बाग तक सिग्नल-फ्री कनेक्टिविटी और महरौली से दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर तक सिक्स-लेन कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं से दिल्ली के भीतर यातायात और अधिक तेज, सुरक्षित और अवरोध-मुक्त होगा।

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