16 अक्टूबर 2026 को कनॉट प्लेस में प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके को नोटिस। नोटिस में पुलिस ने किन बातों का उल्लेख किया है समझिए 14 बिंदुओं में...
1. नोटिस क्यों जारी किया गया? दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों के संदर्भ में दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक और संयोजक अभिजीत दीक्षित को नोटिस जारी किया है। पुलिस के मुताबिक, सोशल मीडिया पर 16 अक्तूबर को शाम 5 बजे कनॉट प्लेस में जुटने की अपील की गई थी, जबकि इसके लिए कानूनी अनुमति नहीं ली गई थी।
2. कनॉट प्लेस में भीड़ जुटने से क्या परेशानी होगी? पुलिस का कहना है कि कनॉट प्लेस एक व्यस्त व्यावसायिक इलाका है। यहां गोलाकार सड़कों और सीमित प्रवेश व निकास मार्गों के कारण भीड़ जमा होने पर लोगों को निकालना मुश्किल हो सकता है। इससे जाम और आपात स्थिति पैदा होने का खतरा है।
3. व्यापारियों को नुकसान की आशंका कनॉट प्लेस में बड़ी संख्या में दुकानें, शोरूम, रेस्टोरेंट, होटल, बैंक और ऑफिस हैं। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन से कारोबार प्रभावित हो सकता है और व्यापारियों के साथ वहां काम करने वाले कर्मचारियों की रोजी-रोटी पर असर पड़ सकता है। नोटिस में 15 लाख से ज्यादा व्यापारियों और कर्मचारियों की आजीविका का जिक्र किया गया है।
4. राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पर असर कनॉट प्लेस में राजीव चौक मेट्रो स्टेशन है, जो ब्लू और यलो लाइन को जोड़ता है। नोटिस के मुताबिक, इस स्टेशन से रोजाना औसतन करीब दो लाख यात्री सफर करते हैं। ऐसे में भीड़ बढ़ने से जाम, अव्यवस्था और भगदड़ का खतरा हो सकता है।
5. सड़कों पर जाम लगने की आशंका कनॉट प्लेस से जुड़ी कई प्रमुख सड़कें दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों तक जाने के लिए महत्वपूर्ण हैं। पुलिस का कहना है कि यहां बिना अनुमति भीड़ जुटने से सेंट्रल दिल्ली का ट्रैफिक प्रभावित हो सकता है और आम लोगों को परेशानी हो सकती है। नोटिस में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए प्रदर्शन के कारण यात्रियों को होने वाली असुविधा का ध्यान रखने की बात कही गई है।
6. संसद और महत्वपूर्ण सरकारी इलाकों की नजदीकी नोटिस में कहा गया है कि कनॉट प्लेस संसद, केंद्रीय सचिवालय और राजनयिक क्षेत्रों के नजदीक है। ऐसे में भीड़ के आसपास के संवेदनशील इलाकों की तरफ बढ़ने से कानून-व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं पैदा हो सकती हैं।
7. अस्पतालों और आपात सेवाओं पर असर पुलिस के मुताबिक, इलाके में पुरानी इमारतें और संकरी सर्विस लेन होने के कारण दमकल की गाड़ियों और एंबुलेंस की आवाजाही में दिक्कत आ सकती है। आसपास के अस्पतालों तक पहुंचने वाले रास्ते बाधित होने से आपात सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
8. धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू नोटिस में बताया गया है कि कनॉट प्लेस में गैरकानूनी जमावड़े से कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू हैं। इनका उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 223 और कानून की अन्य लागू धाराओं के तहत कार्रवाई हो सकती है।
9. कॉकरोच जनता पार्टी के पुराने प्रदर्शनों का भी जिक्र पुलिस ने नोटिस में सीजेपी के पिछले प्रदर्शनों का हवाला दिया है। पुलिस का आरोप है कि पहले प्रदर्शन के दौरान अनुमति की शर्तों का उल्लंघन हुआ था और शांति व्यवस्था प्रभावित हुई थी। नोटिस में संसद की ओर मार्च करने की कथित अपीलों के बाद हिंसा और सरकारी व निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचने का भी उल्लेख किया गया है।
10. प्रदर्शन, रैली और लाउडस्पीकर पर रोक दिल्ली पुलिस अधिनियम, 1978 की धारा 29, 30, 31, 32 और 33 के तहत नोटिस में अभिजीत दिपके को कनॉट प्लेस के आसपास किसी भी तरह का प्रदर्शन, जुलूस या रैली आयोजित नहीं करने, हथियार के रूप में इस्तेमाल हो सकने वाली वस्तुएं नहीं ले जाने और लाउडस्पीकर का इस्तेमाल नहीं करने का निर्देश दिया गया है।
11. आम लोगों के अधिकारों का ध्यान रखने की हिदायत नोटिस में कहा गया है कि ऐसा कोई कदम न उठाया जाए, जिससे आम नागरिकों, व्यापारियों, यात्रियों, मरीजों और अन्य लोगों के अधिकारों पर असर पड़े। लोगों की आवाजाही, सुरक्षा और कारोबार बाधित नहीं होना चाहिए।
12. कनॉट प्लेस अधिकृत प्रदर्शन स्थल नहीं पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कनॉट प्लेस अधिसूचित प्रदर्शन स्थल नहीं है। नोटिस के मुताबिक, प्रदर्शन के लिए दूसरे अधिसूचित स्थानों का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए पहले कानूनी अनुमति लेनी होगी और अनुमति मिलना भी जरूरी है।
13. सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला नोटिस में मजदूर किसान शक्ति संगठन बनाम भारत संघ मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उल्लेख किया गया है। पुलिस ने कहा है कि सार्वजनिक प्रदर्शन की अनुमति पर विचार करते समय ट्रैफिक में रुकावट, लोगों की सुरक्षा और सार्वजनिक शांति पर पड़ने वाले असर को ध्यान में रखना जरूरी है।
14. कानून का पालन करने का निर्देश नोटिस के अंत में अभिजीत दिपके को कानून का पालन करने का निर्देश दिया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति प्रदर्शन या प्रतिबंधात्मक आदेशों का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।