अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के एक निजी स्कूल में एडमिट कार्ड रोकने के मामले में आम आदमी पार्टी ने भाजपा सरकार और शिक्षा मंत्री आशीष सूद पर आरोप लगाए हैं। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने सवाल उठाया कि आखिर संबंधित निजी स्कूल के प्रिंसिपल सोमवार देर रात तक शिक्षा मंत्री के घर क्यों मौजूद थे और बच्चों के एडमिट कार्ड वहीं क्यों ले जाए गए? आप मुख्यालय में प्रेस वार्ता में भारद्वाज ने कहा कि स्कूल ने अभिभावकों पर बढ़ी हुई फीस देने का दबाव बनाया और साफ कहा कि फीस नहीं देने पर एडमिट कार्ड जारी नहीं होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिभावकों ने सरकार की ओर से मान्य फीस के चेक कई बार भेजे, लेकिन शिक्षा विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। भारद्वाज ने कहा कि अगर मंत्री खुद को 18 लाख बच्चों का अभिभावक बताते हैं तो उन्हें तुरंत स्कूल प्रबंधन पर एफआईआर दर्ज करानी चाहिए थी। उन्होंने जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा 75 का हवाला देते हुए कहा कि परीक्षा से पहले एडमिट कार्ड रोकना मानसिक उत्पीड़न की श्रेणी में आता है। विधायक संजीव झा ने दावा किया कि स्कूल प्रिंसिपल ने धरने के दौरान कहा था कि ऊपर से निर्देश मिलने पर ही एडमिट कार्ड जारी होंगे।