सोशल मीडिया पर आम आदमी पार्टी के एक ट्वीट पर राजनिवास ने कड़ी आपत्ति जताई है। ट्वीट में एक तरफ उपराज्यपाल और दूसरी तरफ मनीष सिसोदिया की तस्वीर लगा कर पोस्ट किया गया था। जिस पर लिखा गया था बड़ा खुलासा.. एक्साइज पॉलिसी में दिल्ली के एलजी का भ्रष्टाचार.. भाजपा को करोड़ों रुपये का फायदा पहुंचाया गया। मनीष सिसोदिया ने की सीबीआई से जांच की मांग। हालांकि राजनिवास व भाजपा के ऐतराज जताने के बाद इस ट्वीट को डिलीट कर दिया गया।
राजनिवास सूत्रों का कहना है कि मौजूदा आबकारी नीति को लेकर दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना के नाम को घसीटना भ्रामक है। जानबूझकर तथ्यों को गलत तरीके से पेश कर लोगों को गुमराह किया जा रहा है। दरअसल पिछले दिनों उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने पूर्व उपराज्यपाल अनिल बैजल पर आरोप लगाया था कि शराब की दुकानें खोलने के दो दिन पहले उन्होंने रुख बदला था। इससे दिल्ली सरकार को राजस्व का भारी नुकसान हुआ। इसकी जांच सीबीआई से होनी चाहिए। इसी के बाद आम आदमी पार्टी के ट्वीटर हैंडल ने ट्वीट किया गया कि एलजी ने नियम बदल कर भाजपा के खास मित्रों को पहुंचाया हजारों करोड़ का फायदा।
इस पर भजपा सांसद मनोज तिवारी ने भी आपत्ति जताई। तिवारी ने आम आदमी पार्टी पर इसे लेकर निशाना साधा। ट्वीट कर पूछा कि आम आदमी पार्टी ने भ्रामक ट्वीट को डिलीट क्यों किया। हकीकत यह है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने दिल्ली में अंग्रेजी शराब की 217 नई दुकानें खोलने की मंजूरी दी थी। हिम्मत है तो केजरीवाल इस तथ्य को गलत साबित करके दिखा दें। जांच भी होगी और जेल भी जाएंगे।