शाहदरा जिले के सीमापुरी थाना पुलिस ने 17 साल पहले अगवा हुई एक किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया है। किशोरी की उम्र अब 33 साल है। साल 2006 में जब उसे अगवा किया गया था तब उसकी उम्र 16 साल थी। वह पड़ोस के एक युवक के साथ गोकुलपुरी से बलिया यूपी चली गई थी, लॉकडाउन के दौरान मनमुटाव होने के बाद वह युवक को छोड़कर दिल्ली आ गई और गोकुलपुरी में किराए के मकान में रह रही थी। पुलिस ने युवती को उसके परिवार वालों के हवाले कर दिया है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि शाहदरा जिला की सभी पुलिस थानों में एक टीम गठित की है, जो अपहृत होने वाले बच्चों, गुमशुदा और भगोड़ा की तलाश करती है। सीमापुरी में तैनात एएसआई अनिल कुमार की टीम गोकुलपुरी से 17 साल पहले अपहृत एक 16 साल की बच्ची के मामले की जांच कर रही थी। पुलिस इस मामले में भगोड़ा आरोपी की तलाश करते हुए गोकुलपुरी पहुंची। जहां इलाके में उनकी मुलाकात 32 साल की युवती से हुई। युवती के बारे में पूछताछ करने पर पुलिस को कुछ शक हुआ। पुलिस ने युवती से उसके बारे में पूछताछ की।
युवती ने बताया कि साल 2006 में वह पड़ोस में रहने वाले एक युवक दीपक के साथ चली गई थी। उस समय उसकी उम्र 16 साल थी। वह दीपक के साथ गांव चेरडीह जिला बलिया यूपी में रह रही थी। लॉकडाउन के दौरान दीपक से विवाद होने पर वह दीपक को छोड़कर वापस दिल्ली आ गई और गोकुलपुरी में किराए के मकान में रह रही है।
पुलिस ने साल 2006 में अपनी 16 साल की बेटी के अगवा की शिकायत करने वाले शिकायतकर्ता से मुलाकात की। फिर शिकायतकर्ताओं को युवती से मिलवाया गया। इस दौरान युवती ने अपने परिजनों की पहचान कर ली। कानूनी प्रक्रिया पूरा करने के बाद पुलिस ने युवती को उसके परिजनों के हवाले कर दिया। शाहदरा जिला पुलिस उपायुक्त रोहित मीणा ने बताया कि कर्मचारियों के अच्छे काम के लिए उन्हें पुरस्कृत किया गया है। उन्होंने बताया कि जिला पुलिस ने इस साल अब तक 116 अपहृत बच्चों और 301 गुमशुदा लोगों को सकुशल उनके परिजनों से मिलवाया है।