मृतक की शिनाख्त विपिन कुमार (35) के रूप में हुई है। वह अपने परिवार के साथ नांगलोई के राजधानी पार्क की गली नंबर-चार में रहते थे। परिवार में पत्नी अन्नू, तीन बेटियां सिया (12), राधिका (9) व श्रुति (6) है। विपिन का ब्रेड का कारोबार था। विपिन की बहन सत्तो उत्तर प्रदेश की शामली में रहती है। राखी के दिन सत्तो विपिन के घर आती थी। बृहस्पतिवार को वह किसी कारणवश अपने भाई के घर पर नहीं आ सकी। हालांकि, कुछ दिन पहले सत्तो की बेटी मीनाक्षी विपिन के घर आई थी। बहन ने बेटी के साथ राखी भेज दिया था।
बृहस्पतिवार को विपिन अपनी बहन की भेजी गई राखी को भांजी से बंधवाई। उसके बाद शाम को वह अपनी पत्नी और छोटी बेटी श्रुति को लेकर गाजियाबाद के लोनी स्थित ससुराल जाने के लिए बाइक से रवाना हुए। बाइक पर बेटी उसके आगे और पत्नी पीछे बैठी थी। शास्त्री पार्क इलाके में मांझा अचानक विपिन के गले पर आ गया। इससे पहले वह कुछ समझ पाते मांझे ने उनके गले को काट दिया और गले से खून निकलने लगा। विपिन ने हाथ से मांझे को हटाने की कोशिश की तो उनका हाथ भी कट गया। घायल विपिन ने किसी तरह से बाइक रोकी और पत्नी और बेटी को नीचे उतारा। लेकिन जब वह खुद नीचे उतरने लगे तो वह लड़खड़ाते हुए सड़क पर गिर गए। पत्नी ने विपिन की हालत देखकर तुरंत पुलिस को घटना की जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें सुश्रुत ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। विपिन की मौत के बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
पति का हालात देख बदहवास हुई पत्नी
शास्त्री पार्क इलाके में पति के अचानक बाइक रोकने और उन्हें और बेटी का नीचे उतारने का माजरा अन्नू समझ नहीं पाई, लेकिन विपिन के सड़क पर गिरते ही उनके खून से सने कपड़े देखकर वह दंग रह गई। अन्नू ने तुरंत विपिन का हेलमेट खोला और पति के गले का घाव देखकर वह बदहवास हो गई। विपिन की गर्दन और मुंह से खून निकल रहा था और वह दर्द से छटपटा रहे थे। अन्नू ने राहगीरों की मदद से किसी तरह से पुलिस को घटना की जानकारी दी। वह घटना के बाद काफी सहम गई थी। उन्हें अस्पताल भेजकर वह खुद बेटी को लेकर अपने मायके चली गई। वहां से मायके वाले को लेकर जब तक वह अस्पताल पहुंची तब तक विपिन दम तोड़ चुके थे। घटना से परिवार वाले सदमे में हैं।