नोएडा। लिफ्ट गिरने से महिला की मौत के बाद शहर के निवासियों में गुस्से का माहौल है। कई बार निवासी लिफ्ट एक्ट को लागू करने की मांग कर चुके हैं। बहुमंजिला इमारतों में रहने वाली शहर की एक तिहाई से अधिक की आबादी अपनी सोसाइटी में लगी लिफ्ट से डरने लगी है। सोसाइटी में लगी लिफ्ट कब खराब हो जाए, कब इसमें कोई फंस जाए। यह कहना मुश्किल है।
बृहस्पतिवार को सेक्टर-137 पारस टियरा में हुई घटना के कारण लिफ्ट की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है। हर महीने औसतन छोटी बड़ी 50 से अधिक शिकायतें आ रही है। वहीं बिल्डर व एओए मेंटेनेंस चार्ज के नाम पर रेजिडेंट से प्रीपेड चार्ज ले रहे हैं और लिफ्ट मेंटेनेंस का काम ठीक तरीके से नहीं कर रहे हैं। बहुमंजिला इमारतों में लगी लिफ्ट सोसाइटी के लोगों की लाइफलाइन होती है।
इसके लिए सोसाइटी में मेंटेनेंस शुल्क भी लिया जाता है। इसके बाद भी नोएडा व ग्रेनो में लोग रोजाना लिफ्ट में फंस रहे हैं। लिफ्ट गिरने से लेकर आग लगने की भी घटनाएं हो रही हैं। सोसाइटी में रहने वाले लोगों का आरोप है कि बिल्डरों ने अच्छी क्वालिटी की न तो लिफ्ट लगाई न ही मानकों के साथ आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया। इस कारण लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी सोसाइटी के लोग असुरक्षित हैं। रेजिडेंट ने इनकी कई बार प्राधिकरण व डीएम से शिकायत की है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।