राजधानी में ऑक्सीजन बढ़ाने के लिए मानसून के दौरान एमसीडी करीब 6.20 लाख पौधे लगाएगा। इसमें करीब 3.84 लाख झाड़ियां होंगी। पौधे लगाने के लिए अभी से निगम के पार्कों, भवन परिसरों, श्मशान भूमि व लैंडफिल साइटों पर गड्ढे खुदाई का काम शुरू कर दिया गया है।
एमसीडी के ग्रीन एक्शन प्लान के मुताबिक, इस साल पश्चिमी जोन में सबसे ज्यादा करीब 92 हजार पौधे और घनी आबादी वाले शहरी सदर पहाड़गंज जोन में सबसे कम यानी करीब 6500 पौधे लगाने की तैयारी है। इसके अलावा नरेला जोन में करीब 38 हजार, केशवपुरम जोन में 33 हजार, रोहिणी जोन में 76 हजार, शाहदरा उत्तरी जोन में 44 हजार, सिविल लाइन जोन में 27 हजार, करोल बाग जोन में 46 हजार, नजफगढ़ जोन में 49 हजार, मध्य जोन में 79 हजार, दक्षिणी जोन में 66 हजार, शाहदरा दक्षिण जोन में 63 हजार पौधे लगाए जाएंगे।
निगम उन जोन को अधिक हराभरा करने पर फोकस करेगा जहां पेड़ लगाने की जगह तो है, लेकिन संख्या कम है। हाल ही में 12 जोन में पेड़ों की गणना कराई गई है। पहले चरण में सड़क किनारे और पार्कों में करीब दो लाख पेड़ों की गिनती हुई है। करीब 65 हजार पेड़ केशवपुरम जोन और 44 हजार पेड़ दक्षिणी जोन में हैं, जबकि करोल बाग जोन में 25 हजार से ज्यादा पेड़ गिने गए हैं। सभी को एक क्रमांक देने के साथ टैग भी किया जा रहा है।
पार्कों में हरियाली बढ़ाने पर रहेगा जोर
उद्यान विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, एमसीडी के पास 15226 पार्क हैं, जिसका क्षेत्रफल 5172 एकड़ है। इसके करीब 80 फीसदी क्षेत्र को हराभरा किया गया है। बाकी बचे क्षेत्र को मानसून सीजन में हराभरा किया जाएगा। एमसीडी ने अब तक कई मिनी वन विकसित किए हैं। यहां के पेड़ों को एमसीडी की गणना में शामिल नहीं किया गया है। निगम और भी ऐसे मिनी वन बनाने के लिए जगह तलाश रहा है।
60 से ज्यादा प्रजातियों को चुना
एमसीडी ने दिल्ली में पौधरोपण के लिए 60 से ज्यादा प्रजातियों के पौधों को चुना है। ज्यादातर देसी प्रजाति के पौधे इसमें शामिल होंगे। अर्जुन, नीम, पिलखन, मौलसरी, हरसिंगार, अमलतास, पीपल, जामुन, शीशम, महुआ, जंगल जलेबी और खजूर जैसे पौधों को पहले भी एमसीडी ने लगाया है। इसके अलावा कई प्रकार की नई झाड़ियां पार्कों के अंदर देखने को मिलेंगी।