प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को लगभग 41,000 करोड़ रुपये की 2000 से अधिक रेलवे बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। विश्व का सबसे बड़ा रिडेवलेपमेंट कार्यक्रम रेलवे ने आयोजित कर इतिहास रचा है। ऐसा पहली बार हुआ है जब रेलवे ने एक साथ 2000 से अधिक जगहों पर इस कार्यक्रम का आयोजन किया जिसमें 4 लाख से अधिक लोग जुड़े। इनमें 5090 से अधिक सांसद, 11 राज्यों के मुख्यमंत्री, 8 उपमुख्यमंत्रियों के अलावा कई राज्यों के राज्यपाल व उपराज्यपाल शरीक हुए।
दिल्ली के तिलक ब्रिज रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत स्टेशन विकास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना, केंद्रीय राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी मौजूद रहीं। प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिन रेलवे बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया, उनमें उत्तर रेलवे के बल्लभगढ़, फरीदाबाद न्यू टाउन, गोहाना, गुरुग्राम, मुजफ्फरनगर, मेरठ सिटी जंक्शन, पलवल, तिलक ब्रिज, बैजनाथ पपरोला, मोगा, ब्यास जंक्शन, जालंधर सिटी जंक्शन, श्री माता वैष्णो देवी कटरा, अकबरपुर जंक्शन, बाबतपुर, बादशाहपुर, भरतकुंड, चिलबिला जंक्शन, गौरीगंज, हैदरगढ़, जौनपुर शहर, कानपुर ब्रिज लेफ्ट बैंक, कुंडा हरनामगंज, लालगंज, लंभुआ, लोहता, मल्हौर, मानक नगर, मड़ियाहू, मोहनलालगंज, निहालगढ़, फाफामऊ, शिवपुर, श्रीकृष्ण नगर, तकिया, ऊंचाहार, व्यासनगर, आंवला, बालामऊ जंक्शन, बुलन्दशहर, गढ़मुक्तेश्वर, कोटद्वार और स्योहारा समेत 43 रेलवे स्टेशन शामिल हैं।
इसके अलावा उत्तर रेलवे के 92 आरओबी/आरयूबी में 56 उत्तर प्रदेश में, 17 हरियाणा में, 13 पंजाब में, 4 दिल्ली में, 1 हिमाचल प्रदेश में और 1 जम्मू-कश्मीर में है। लखनऊ मंडल में 43, दिल्ली में 30, फिरोजपुर में 10, अंबाला में 7 और मुरादाबाद मंडल में 2 आरओबी व आरयूबी का निर्माण किया जाएगा। इससे मानवयुक्त समपार फाटक खत्म होगा। इससे ट्रेन परिचालन में संरक्षा, ट्रेनों की गतिशीलता बढ़ेगी। सड़क उपयोगकर्ताओं को भी गुमटी पर जाम की समस्या से निजात मिलेगी।