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दिल्ली के गावों की बदलेगी तस्वीर: ग्रामोदय अभियान के तहत अगस्त तक पूरी होंगी 416 परियोजनाएं, LG ने दिया आदेश

Mon, 17 Jun 2024 10:16 AM IST
अनुज कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

दिल्ली के गावों की तस्वीर जल्द ही बदलने वाली है। दिल्ली ग्रामोदय अभियान के तहत अगस्त तक 416 परियोजनाएं पूरी होंगी। साथ ही कहा गया है कि काम की गुणवत्ता खराब मिलने पर ठेकेदार को दोबारा काम करना होगा।
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वीके सक्सेना - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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गांव में विकास के लिए दिल्ली ग्रामोदय अभियान के तहत किए जा रहे कामों को अगस्त तक पूरा किया जाएगा। दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने चरण एक के तहत 364.38 करोड़ रुपये की लागत से किए जा रहे 416 परियोजना व कार्य की समीक्षा की। इस दौरान एलजी ने इन काम को अगस्त तक पूरा करने का निर्देश दिया। साथ ही गुणवत्ता बनाए रखने के लिए डीडीए, एमसीडी, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग, पीडब्ल्यूडी सहित अन्य एजेंसियों को परियोजनाओं निगरानी रखने का कहा।

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इस मौके पर अधिकारियों ने बताया कि 416 परियोजनाओं को 418.11 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जाएगा। इन परियोजनाओं के लिए 273.70 करोड़ रुपये पहले जारी हो चुके हैं। जबकि 144.41 करोड़ रुपये एक सप्ताह में जारी हो जाएंगे। बता दें कि एलजी के निर्देश के बाद जिला अधिकारियों के साथ डीडीए, एमसीडी, जल बोर्ड सहित अन्य विभाग के अधिकारियों ने जनवरी में दो मौकों पर विभिन्न गांवों का दौरा किया। यहां रुक कर लोगों की समस्या को जाना।

एलजी ने कहा कि जिला अधिकारी व्यक्तिगत रूप से समय-समय पर क्षेत्र का दौरा कर कार्यों की प्रगति की समीक्षा करें। कामों का भौतिक सत्यापन किया जाए। निर्माणाधीन कार्य की जानकारी हर 15 दिन पर ई-मॉनिटरिंग के लिए वेब पोर्टल पर अपलोड की जाए। 
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निर्माण कार्य की फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी कराई जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कार्यदाई संस्था के ठेकेदारों को काम के साथ पांच साल की वारंटी अनिवार्य रूप से देनी होगी। काम की गुणवत्ता खराब मिलने पर ठेकेदार को काम को दोबारा से कराना होगा। 

यह हो रहे हैं निर्माण कार्य 
विभिन्न गांवों में 37 श्मशान घाटों का नवीनीकरण किया जा रहा है। एलजी ने निर्देश दिया कि प्रत्येक स्थल पर बिजली और गैस आधारित भट्टियां उपलब्ध कराने की संभावना तलाशी जाए। ताकि लकड़ी खरीदने के लिए पेड़ों को न काटा जाए। इसके अलावा अन्य सुविधा विकसित करने का निर्देश भी दिया।

जिलाधिकारियों को विशेष रूप से स्थानीय लोगों के साथ-साथ गैर सरकारी संगठनों की मदद से श्मशान घाटों का उचित रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा फूलों के पेड़ लगाने का निर्देश दिया गया। यहां पर जैकरांडा, गुलमोहर, अमलतास सहित दूसरे फूलों की एक विशेष प्रजाति लगाई जाएगी।

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