विदेशों की तर्ज पर थ्रीडी विज्ञापन के जरिये नगर निगम दिल्ली के बाजारों की खूबसूरती और राजस्व को बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। निगम की ये योजना यदि कामयाब हुई तो जल्द ही दिल्ली में पहली बार बाजारों, शॉपिंग कांप्लेक्स, मॉल्स में करीब 500 वर्ग फुट आकार के थ्रीडी विज्ञापन दिखाई देंगे।
निगम अधिकारियों के मुताबिक, एलसीडी, एलईडी के बाद अब थ्रीडी स्क्रीन वाली तकनीक का चलन सबसे ज्यादा है। ये तकनीक अब सिनेमाघरों से आगे बढ़कर टीवी के पर्दे तक आ पहुंची है। थ्रीडी विज्ञापन उत्पादों का वास्तविक आभास कराएंगे। उत्पाद की विशेषताएं और इसके लाभ की स्पष्ट समझ भी विकसित करेंगे, इसलिए एमसीडी के विज्ञापन विभाग ने इस अत्याधुनिक तकनीक को राजधानी के भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर लगाने का निर्णय लिया है। विज्ञापन विभाग की ओर से इसका प्रस्ताव तैयार किया गया है।
लोकसभा चुनाव के बाद प्रस्ताव को मंजूरी के लिए निगमायुक्त के पास भेजा जाएगा। फिलहाल, एमसीडी की स्टैंडिंग कमेटी नहीं होने के कारण इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलना इतना आसान नहीं होगा, लेकिन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि थ्रीडी विज्ञापन न केवल बाजारों की खूबसूरती में चार चांद लगाएंगे, बल्कि दाम ज्यादा होने से निगम का राजस्व भी बढ़ाएंगे।
डिजिटल से थ्री-डी विज्ञापन की ओर दिल्ली
दिल्ली में अभी तक डिजिटल विज्ञापन तो नजर आते हैं, लेकिन थ्रीडी का इस्तेमाल पहली बार होगा। दिल्ली मेट्रो, बाजारों और सड़कों पर डिजिटल विज्ञापन की स्क्रीन दिखाई देती हैं। दिल्ली ही नहीं पूरे एनसीआर में इस तरह के विज्ञापन नजर आते हैं।
बीएमसी के बाद एमसीडी विज्ञापन को देगी मंजूरी
यदि दिल्ली में थ्री-डी विज्ञापन की मंजूरी मिलती है तो बीएमसी के बाद एमसीडी देश का दूसरा नगर निगम होगा जो इस तरह के प्रयोग करेगा। चीन, हांगकांग, अमेरिका और यूरोप में इस तरह के विज्ञापन कई वर्षों से प्रचलन में हैं। भारत तकनीकी रूप से जिस तेजी से आगे बढ़ रहा है, उस लिहाज से मुंबई के बाद दिल्ली में थ्रीडी विज्ञापन जल्द ही दिखने की उम्मीद है।
मंजूरी के बाद स्थान की तलाश होगी
थ्रीडी विज्ञापन लगाने की योजना को मंजूरी मिलने के बाद एमसीडी इसके लिए स्थान की तलाश करेगा। वहीं, बाजारों, शॉपिंग कांप्लेक्स और मॉल्स के अंदर सबसे पहले 500 वर्ग फुट की थ्रीडी एलईडी स्क्रीन लगाने की भी तैयारी की जा रही है।