दिल्ली ट्रैफिक पुलिस सड़क दुर्घटनाओं व उनमें मरने वाले लोगों की संख्या को कम करने के लिए लगातार कदम उठा रही है। इन कदमों के चलते ही दिल्ली यातायात पुलिस को काफी सकारात्मक परिणाम मिले हैं। 2022 और 2023 में 31 अक्तूबर तक हुईं घातक दुर्घटनाओं की कुल संख्या की तुलना करने पर इन सकारात्मक परिणामों का पता लगता है। 2022 में हुईं कुल 4646 दुर्घटनाओं में से 1197 घातक थीं, जिसके परिणामस्वरूप 1225 लोगों की मौत हुई, जबकि 2023 में 4803 दुर्घटनाएं हुईं, जिसमें 1141 घातक हैं। इन दुर्घटनाओं में 1175 लोगों की मौत हुई है।
दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त (यातायात) सुरेंद्र सिंह यादव ने बताया कि आंकड़ों की तुलना करने से पता लगा कि 2023 में घातक दुर्घटनाओं की कुल संख्या में 4.74% की कमी आई। साथ ही 2022 की तुलना में 2023 में मारे गए व्यक्तियों की संख्या में 3.27% की कमी आई है।
2019 से 2022 तक दिल्ली यातायात पुलिस के समर्पित प्रयासों के कारण सकारात्मक सड़क सुरक्षा प्रवृत्ति देखी गई। 2019 में 1433 घातक दुर्घटनाओं ने 1463 लोगों की जान ली और 5152 घायल हुए। 2020 में घातक दुर्घटनाएं घटकर 1163 हो गईं, जिससे 267 लोगों की जान बचाई गई। विशेष रूप से महिला घायलों की संख्या में कमी आई और घायलों की कुल संख्या घटकर 3662 हो गई। 2021 में यह प्रवृत्ति 1206 घातक दुर्घटनाओं के साथ जारी रही, जिससे मरने वालों की संख्या घटकर 1239 हुई। 2022 में जबकि घातक दुर्घटनाएं थोड़ी बढ़कर 1428 हो गईं, इनमें मरने वाले व्यक्तियों की संख्या 1461 पर स्थिर रही। यानी दुर्घटनाओं की बेहतर रिपोर्टिंग और जागरूकता बढ़ी, जिससे अधिकारियों को इन दुर्घटनाओं से कुशलता पूर्वक निपटने में सहायता मिली है।
2022 और 2023 के पखवाड़ों के आंकड़ों के तुलनात्मक विश्लेषण में घातक दुर्घटनाओं और मारे गए व्यक्तियों की मिश्रित प्रवृत्ति का पता चलता है। 2022 की इसी अवधि की तुलना में 2023 में साल के शुरुआती महीनों (जनवरी और फरवरी) के दौरान घातक दुर्घटनाओं में मामूली वृद्धि हुई थी। हालांकि, जैसे-जैसे वर्ष आगे बढ़ा तो 2023 में घातक दुर्घटनाओं की संख्या में कमी आने लगी, खासकर दूसरी तिमाही (अप्रैल से जून) के दौरान। इसके विपरीत 2023 में मारे गए व्यक्तियों की संख्या अपेक्षाकृत सुसंगत रही या 2022 की तुलना में थोड़ी कम हो गई, यह दर्शाता है कि गंभीर दुर्घटनाओं की संख्या कम हुई है। विशेष रूप से 2023 की दूसरी तिमाही में घातक दुर्घटनाओं और मारे गए व्यक्तियों दोनों में कमी देखी गई।
सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ये कदम उठाए
- लापरवाही से ड्राइविंग और शराब पीकर गाड़ी चलाने के लिए प्रभावी प्रवर्तन तंत्र स्थापित किया है।
- वास्तविक समयावधि में आंकड़ों का विश्लेषण, चालक शिक्षा और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ाया है।
- आधुनिक तकनीक का उपयोग करना और सड़क इंजीनियरिंग के मुद्दों में सुधार के लिए विभिन्न हितधारकों के साथ सहयोग करना शामिल है।
- वाहनों की गति को कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं।