इस बारे में प्राइमस अस्पताल के आर्थोपेडिक और ज्वाइंट रिप्लेसमेंट डिपार्टमेंट के अध्यक्ष डॉ. सी एस यादव ने कहा कि 142 किलोग्राम वजन वाली मरीज की सर्जरी काफी गंभीर थी। घुटनों के दर्द के कारण वह अपने पैरों पर एक मिनट से ज्यादा समय तक खड़ी नहीं हो सकती।
समस्या को देखते हुए घुटनों का ऑपरेशन किया और इम्प्लांट्स की उम्र बढ़ाने के लिए इम्प्लांट्स और एक सपोर्टिंग एक्सटेंशन रॉड से बदल दिया। साथ ही महिला को वजन कम करने की सलाह दी गई है।
वहीं मरीज का कहना है कि पहले उसका वजन 100 किलो के करीब था। वजन बढ़ने के कारण शारीरिक गतिविधियां कम हो गई जिससे वजन बढ़ने लगा और दिक्कत बढ़ गई। समस्या बढ़ने के बाद यह सर्जरी करवानी पड़ी। सर्जरी के बाद महिला की हालत ठीक है। चिकित्सकों का कहना है कि कुछ ही दिनों में वह सामान्य रूप से न केवल चलने फिरने लगेंगी, बल्कि सामान्य जीवन भी बिता सकेंगी।