इंडीग्रेटेड रिहैबिलिटेशन रिसोर्च सेंटर (IRRC), नई दिल्ली के नोडल अधिकारी नचिकेता ने बताया कि समाज कल्याण विभाग, बाल संरक्षण विभाग और मानव तस्करी रोधी इकाई की संयुक्त टीमों ने पिछले एक पखवाड़े में राष्ट्रीय राजधानी में विभिन्न स्थानों पर छापेमारी करते हुए नाबालिगों को बचाया।
दिल्ली में मंगलवार को विभिन्न सरकारी एजेंसियों ने छापेमारी करते हुए एक गर्भवती लड़की समेत 13 नाबालिग बच्चों को छुड़ाया। इनमें 12 लड़कियां हैं। सरकार ने एक बयान जारी कर बताया कि ये सभी बच्चे झारखंड की राजधानी रांची से लगभग 40 किलोमीटर दूर स्थित खूंटी जिले के रहने वाले हैं।
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इंडीग्रेटेड रिहैबिलिटेशन रिसोर्च सेंटर (IRRC), नई दिल्ली के नोडल अधिकारी नचिकेता ने बताया कि समाज कल्याण विभाग, बाल संरक्षण विभाग और मानव तस्करी रोधी इकाई की संयुक्त टीमों ने पिछले एक पखवाड़े में राष्ट्रीय राजधानी में विभिन्न स्थानों पर छापेमारी करते हुए नाबालिगों को बचाया।
उन्होंने बताया कि छुड़ाए गए बच्चों में एक 14 वर्ष की गर्भवती बच्ची भी है। उसे तीन महीने का गर्भ है। मानव तस्करी रोधी इकाई के अधिकारियों के हवाले से बयान में कहा गया कि टीमों ने ना सिर्फ बचाए गए 13 बच्चों बल्कि उनके साथ छुड़ाई गईं सात महिलाओं की मजदूरी का उचित भुगतान भी सुनिश्चित कराया है।
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बयान के अनुसार, खूंटी उपायुक्त शशि रंजन और पुलिस अधीक्षक अमन कुमार के आग्रह के बाद झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान कई रोजगार एजेंसियों का खुलासा हुआ, जो अवैध रूप से संचालित थीं। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। छुड़ाए गए बच्चों को झारखंड ले जाया जा रहा है।