साकेत के पुष्प विहार में मंगलवार शाम 12वीं कक्षा की छात्रा ने गले में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। बताया जा रहा है कि छात्रा ने दो सहपाठी लड़कों के साथ मिलकर 11वीं की छात्रा की पिटाई कर दी थी। उस छात्रा ने इसकी शिकायत प्रिंसिपल से कर दी थी। साकेत थाना पुलिस इसकी जांच कर रही है। छात्रा के पिता चंदन सिंह बीएसएफ में सिपाही हैं और आरकेपुरम स्थित एक अधिकारी के यहां तैनात हैं।
दक्षिण जिला डीसीपी विजय कुमार ने बताया कि नेहा बिष्ट (17) परिविार के साथ सेक्टर-तीन पुष्प विहार में रहती थी। वह पुष्प विहार में ही स्थित केंद्रीय विद्यालय में पढ़ती थी। परिवार में माता-पिता के अलावा छोटी बहन हर्षिता हैं। मंगलवार शाम करीब 5 बजे नेहा ने हर्षिता को कमरे में बंद कर दिया और बाहर से कुंडी लगा दी। इसके बाद नेहा ने दूसरे कमरे में जाकर चुन्नी से पंखे के जरिये फांसी लगा ली। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। बताया जा रहा है कि मंगलवार को 11वीं की छात्रा के अभिभावक ने स्कूल प्रिंसिपल से शिकायत की थी कि 29 जुलाई को छुट्टी के बाद स्कूल के बाहर नेहा ने दो लड़कों के साथ मिलकर उनकी बेटी की पिटाई कर दी थी। स्कूल के शिक्षक ने नेहा की मां को कॉल कर स्कूल बुलाया था। जब तक मां स्कूल पहुंची, वह शिक्षक जा चुका था।
मां घर आई तो नेहा घर पर नहीं मिली। पता चला है कि नेहा बस स्टैंड पर बैठकर रोती रही। किसी ने फोन कर इसकी जानकारी नेहा की मां को दी। नेहा ने घर आकर बताया कि एक छात्रा की मां ने उसके साथ बदसलूकी की है। नेहा की मां ने उसे समझाया। पिता चंदन सिंह का आरोप है कि छुट्टी के बाद उनकी बेटी को स्कूल में बैठाया गया। स्कूल की लापरवाही की वजह से उसने खुदकुशी की है। उनका आरोप हैै कि नेहा को कंप्यूटर क्लास से गाल पकड़कर बाहर निकाला गया।