इस मामले में बदमाश से शुरुआती पूछताछ के आधार पर मिली जानकारी से आईजी गढ़वाल अजय रौतेला ने महत्वपूर्ण बातें बताई हैं। उन्होंने बताया कि बदमाशों ने दिल्ली में बैठकर गूगल मैप के जरिये सभी वारदातों को अंजाम देने योजना बनाई थी।
इस गैंग के सभी शातिर टेकसेवी है। उन्हें मोबाइल, विभिन्न साफ्टवेयर, एप्स आदि की अच्छी जानकारी है। गूगल मैप के जरिये ही उन्होंने गोल्ड लोन कंपनियों के दफ्तरों को बतौर टारगेट चुना।
यहां पहुंचने का रास्ता और वारदात के बाद बाहर निकलने की साजिश भी इसी आधार पर बनाई। बदमाशों ने मैप में ही देखा कि किस शहर में किस समय यातायात का कितना दबाव रहता है। शहर में सीसीटीवी कैमरों वाले चौराहों का भी आंकलन बदमाशों ने गूगल मैप से ही लगाया।
मसलन बड़े चौराहे किस जगह हैं, वहां क्या दिक्कत आ सकती है ? सीसीटीवी कैमरों से बचकर किस जगह से निकला जा सकता है ? साजिश के मुताबिक उन्होंने वारदात को अंजाम दिया और बिना सबूत छोड़े आसानी से निकल गए। यही कारण है कि देहरादून में बदमाशों का एक भी सीसीटीवी फुटेज पुलिस को नहीं मिला है।
इसी तरह वे मेरठ और बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में भी वारदात करके बच निकलने में कामयाब हुए थे। आईजी ने बताया कि बदमाश को 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर रुड़की लाया जा रहा है। इसके बाद ही उससे ज्यादा जानकारियां हासिल हो सकेंगी।