पुलिस ने तहरीर के आधार पर विवेचना शुरू की। पुलिस ने दोनों मोबाइल नंबर का कॉल रिकार्ड निकाला, तो पता चला कि दोनों के बीच लंबे समय तक बातचीत हुई थी। इस बीच पुलिस को मुखबिर ने सूचना दी कि अभियुक्त विष्णु दिल्ली से हरिद्वार आ रहा है।
पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर तीन सितंबर को आरोपी को हरिद्वार बस अड्डे पर दबोच लिया। गिरफ्तार होते ही आरोपी ने पुलिस के सामने गुनाह कबूल किया। पुलिस ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने, अपहरण समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को जेल भेजा।
सोमवार को विशेष न्यायाधीश (पोक्सो) कुमकुम रानी की अदालत में मामले में बहस हुई। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक चंद्रवीर सिंह नेगी ने कई दस्तावेज प्रस्तुत किए।
अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने आरोपी को नाबालिग को जबरन भगाकर उसके साथ बलात्कार करने के आरोप में दस साल का कठोर कारावास और दस हजार अर्थदंड की सजा सुनाई है।