इधर, परिजन बच्चे की तलाश कर रहे थे तो बच्चे के दोस्त ने बाइक सवार के साथ जाने की बात बताई। कुछ देर बाद ही परिजनों को मासूम बदहवास हालत में मिल गया। परिजनों की तहरीर पर जांच के बाद पुलिस ने दूसरे दिन सोना को गिरफ्तार करने के बाद जेल भेज दिया।
मामला पॉक्सो अदालत में चला। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता विकास गुप्ता ने छह गवाह पेश कर आरोप सिद्ध कर दिया। बृहस्पतिवार फैसला सुनाते हुए न्यायाधीश विजय लक्ष्मी विहान ने आरोपी सोना उर्फ तरनदीप सिंह को पॉक्सो अधिनियम के तहत 20 वर्ष के कठोर कारावास और 95 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है