मुखबिर की सूचना पर सीओ रुड़की चंदन सिंह बिष्ट के नेतृत्व में पुलिस की एक टीम गठित की गई। पुलिस ने मामले की पूरी तरह छानबीन कर शनिवार की रात संजय के घर पर छापामारी उस उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया है।
छापामारी के दौरान पुलिस को उसके कमरे से प्रिंटर, स्कैनर, कापियर मशीन, पेपर शीट, कटर व स्केल पेपर रोल बरामद हुआ। साथ ही आरोपी युवक के पास से 1.62 हजार रुपये के नकली नोट भी बरामद हुए।
एसपी देहात ने बताया कि आरोपी से भगवानपुर थाने में कड़ाई से पूछताछ की तो उसने बताया कि नकली नोट बनाने की तकनीक की जानकारी उसने यू ट्यूब से ली थी। यू ट्यूब से पूरी जानकारी मिलने के बाद उसने नकली नोट बनाने के लिए प्रिंटर, स्क्रैनर समेत अन्य सामान खरीदा।
इसके बाद उसने दो माह में करीब 1.68 नकली रुपये छापे थे। आरोपी ने पांच-पांच सौ नोट एक ही सीरीज के छापे थे। वह इनमें से करीब छह हजार रुपये बाजार में भी चला चुका था। आरोपी से पूछताछ की जाएगी कि उसने यह नकली नोट कहां पर चलाए हैं और वह किन-किन लोगों के संपर्क में था।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस दौरान पुलिस टीम में एसओ संजीव थपलियाल, एसआई लक्ष्मी प्रसाद बिजलवान समेत सचिन कुमार, संजय रावत, राकेश कुमार, रणवीर सिंह, नूर हसन व उदयपाल शामिल रहे।
अमीर बनने के लिए अपनाया शार्टकट
एसपी देहात नवनीत सिंह ने बताया कि आरोपी के अनुसार वह जल्द से जल्द बड़ा आदमी बनना चाहता था। उसने ग्रेजूएशन तक की भी पढ़ाई की हुई है। जल्द से जल्द अमीर बनने के चक्कर में उसने नकली नोट बनाने का शार्टकट रास्ता अपनाया। एसपी देहात ने बताया कि संजय को अब अपने इस काम से पछतावा भी है।