महिलाएं राज्य में आठ से ज्यादा बार कर चुकी हैं रामलीला का मंचन
रामलीला के मंच पर पुरुष कलाकारों को राम, सीता और कुंभकर्ण बनते तो आप सभी ने देखा होगा, लेकिन उत्तराखंड में एक ऐसी रामलीला भी होती है, जहां हर किरदार महिलाएं निभाती हैं। राम से लेकर रावण और लक्ष्मण, कुंभकर्ण समेत दशरथ का किरदार भी महिलाएं ही निभाती हैं। ये महिलाएं राज्य भर में आठ से ज्यादा बार रामलीला का मंचन कर चुकी हैं।
रामलीला का मंचन करने वालीं इन महिलाओं ने मातृशक्ति लोककला सांस्कृतिक समिति (महिला रामलीला कमेटी) का गठन किया है। यह समिति सिर्फ रामलीला का मंचन ही नहीं कर रही, बल्कि नारी सशक्तीकरण की मिसाल भी पेश कर रही है। महिला कलाकारों का कहना है हर क्षेत्र में महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। इसी सोच के साथ वह रामलीला का मंचन करती हैं।
समिति की अध्यक्ष सरोज रावत कहती हैं, कुछ साल पहले देहरादून और कोटद्वार की महिलाओं ने महिला रामलीला कमेटी बनाई थी। तभी से महिलाएं रामलीला में सभी किरदार निभाती आ रही हैं। सबसे पहले कोटद्वार में रामलीला का मंचन किया तो लोगों का सहयोग और प्रेम मिला। इसके बाद कमेटी ने लगातार रामलीला मंचन करने का फैसला किया। बताया कि उनकी टीम अब तक देहरादून, दुगड्डा, कोटद्वार में रामलीला कर चुकी है। संवाद
पहले घबराती थीं, लेकिन खूब मिला सम्मान
सरोज देवी ने बताया, शुरुआत में सभी महिलाएं बहुत घबराती थीं, लेकिन पहले ही दिन सभी महिलाओं ने रामलीला मंचन में दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। उस समय उनको पहली बार मंचन में ही खूब सम्मान मिला। इसके बाद यह क्रम चलता रहा।
ये महिलाएं निभाती है ये किरदार
महिला रामलीला कमेटी में देहरादून और कोटद्वार की महिलाएं किरदार निभाती है। इसमें आशा अश्वा राम, रूपा रावत लक्ष्मण, संजना सीता, शीला बिष्ट हनुमान, शिला थपलियाल रावण, नीरू कैकई, सोनिया भरत, लक्ष्मी दशरथ और सरोज परशुराम का किरदार निभाती हैं।
इस बार देहरादून में होगी रामलीला
सरोज देवी ने बताया कि इस बार दिसंबर में देहरादून के कारगी चौक पर रामलीला का मंचन किया जाएगा। इसके लिए उन्होंने तैयारी शुरू कर दी है। बताया कि 15 दिसंबर से मंचन शुरू किया जाएगा।