श्री गुरु राम राय विवि के स्कूल ऑफ योगिक सांइस, नैचुरोपैथी एवं योगा स्पोर्ट्स फाउंडेशन की ओर से नेशनल योग चैंपियनशिप का आयोजन किया गया। चैंपियनशिप में देश के 18 राज्यों समेत सात देशों के योग साधक जुटे। उन्होंने योगासन का महत्व बताया।
दो दिवसीय प्रतियोगिता की शुरुआत विवि के कुलसचिव डाॅ. अजय कुमार खंडूड़ी ने बतौर मुख्य अतिथि की। उन्होंने कहा, योग अनुशासन सिखाता है। योग दूसरों और प्रकृति के साथ सद्भाव से जीने का तरीका है। योग केवल आसन और प्राणायाम तक ही सीमित नहीं है। योग का क्षेत्र बेहद व्यापक है। योग एक साधना है, जो हमें नकारात्मक से सकारात्मकता की ओर ले जाने का महामंत्र है।
महाराष्ट्र योग स्पोर्ट्स फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रो. बलवंत सिंह ने कहा, यदि योग को जन-जन तक पहुंचाना है तो इसके व्यावहारिक पक्ष के साथ व्यावसायिक पक्ष को भी मजबूत करने की आवश्यकता है। पहले दिन अमेरिका, वियतनाम, ब्राजील, आस्ट्रेलिया, इजिप्ट, चेक गणराज्य के योग साधकों ने योगासन किए। राष्ट्रीय योगासन प्रतियोगिता का मुख्य आकर्षण संगीत के साथ कलात्मक योग प्रदर्शन रहा।
वहीं, विवि के कुलाधिपति महंत देवेंद्र दास महाराज ने सभी योग साधकों को शुभकामनाएं दीं। इस दौरान डाॅ. सरस्वती काला, डाॅ. कंचन जोशी, डाॅ. अनिल थपलियाल, डाॅ. सुरेंद्र प्रसाद रयाल, डाॅ. सुनील कुमार श्रीवास, डाॅ. बृजेन्द्र सिंह, डाॅ. मालविका कांडपाल आदि मौजूद रहे।