औद्योगिक क्षेत्र सेलाकुई में काम करने वाले श्रमिकों को इलाज के लिए अब तीन किलोमीटर की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। फार्मा सिटी में ही श्रमिकों और उनके परिजनों को इलाज मिलेगा। ईएसआई का नया भवन बनकर तैयार हो गया है। दो महीने में डिस्पेंसरी नए भवन में शिफ्ट कर दी जाएगी। डिस्पेंसरी में पांच डॉक्टर तैनात किए जाएंगे।
एक दशक से भी लंबे समय से ईएसआई की डिस्पेंसरी बहादरपुर स्थित निजी भवन में चल रही है। श्रमिकों को इमरजेंसी में प्राथमिक उपचार के लिए भी करीब तीन किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। डिस्पेंसरी दूर होने के चलते कई बार मरीजों और उनके परिजनों को निजी क्लीनिक और झोलाछाप से इलाज करवाना पड़ता है।
ईएसआई डिस्पेंसरी की मौजूदा दैनिक ओपीडी करीब 250 से 275 है। फिलहाल दो डॉक्टर, दो फार्मासिस्ट, एक एनएनएम और चार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तैनात हैं। श्रमिकों की सुविधा को देखते हुए करीब डेढ़ साल पहले औद्योगिक क्षेत्र की फार्मा सिटी में डिस्पेंसरी के नए भवन का निर्माण शुरु किया गया था। अब तक भवन का करीब 90 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
डिस्पेंसरी के चिकित्सा प्रभारी डॉ. सोहन सिंह चौहान ने बताया कि दो महीने में डिस्पेंसरी को नए भवन में शिफ्ट कर दिया जाएगा। नए भवन शिफ्ट होने के बाद कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। बताया कि तीन और डॉक्टरों की तैनाती की जा रही है। मरीजों को पैथोलॉजी जांच और एंबुलेंस की भी सुविधा मिलेगी।