उत्तराखंड आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाने वाली महिलाओं ने इस बार में लोक सभा चुनाव से ठीक पहले फिर से सड़कों पर उतरने का ऐलान किया है। इस बार महिलाएं उत्तराखंड को नशे और नफरत से मुक्त करने के लिए सड़कों पर उतरेंगी। उत्तराखंड महिला मंच के इस आंदोलन को कई अन्य जन संगठनों ने भी समर्थन दे दिया है।
आंदोलन की शुरुआत 19 मार्च को देहरादून से होगी और पूरे राज्य में यह आंदोलन चलेगा। रविवार को कचहरी स्थित शहीद स्मारक में महिला दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित बैठक में नशे और नफरत के खिलाफ आंदोलन चलाने का फैसला किया गया। इस दौरान यह कहा गया कि चुनाव ही वह मौका है, जब राजनीतिक पार्टियां आम लोगों की बात सुनती है। इसलिए लोक सभा चुनाव से ठीक पहले यह आंदोलन शुरू किया जा रहा है।
दावा किया गया कि राज्य में ड्रग्स पूरी तरह बंद करने और शराब नीति में सुधार किए जाने तक यह आंदोलन जारी रहेगा। इसके साथ ही नफरत की राजनीति का भी विरोध किया जाएगा। इस बैठक में उत्तराखंड इंसानियत मंच, भारत ज्ञान विज्ञान समिति, इप्टा और भारतीय किसान सभा के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया। सभी ने महिला मंच के आंदोलन को समर्थन देने की बात कही।
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इस तरह होगी कार्यक्रम की रूपरेखा
19 मार्च को नशे के खिलाफ डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन करके मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा। इसके बाद शहर के अलग-अलग हिस्सों में छोटी-छोटी जनसभाएं और धरने प्रदर्शन किए जाएंगे। शुरू में कम से कम 10 जगहों पर ऐसी जनसभाएं होंगी। इसके बाद महिला मंच अन्य संगठनों के साथ मिलकर घर-घर दस्तक देगा और लोगों को अपने बच्चों को नशे से दूर रखने के बारे में जागरूक करेगा।